गोवा जिला पंचायत चुनाव में भाजपा की जीत पर पीएम मोदी ने बधाई दी
गोवा में जिला पंचायत चुनाव 2025 के नतीजे सोमवार, 22 दिसंबर को घोषित कर दिए गए। इन नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कुल 50 सीटों के लिए हुए इस चुनाव में भाजपा ने 29 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बढ़त बनाई है। वहीं कांग्रेस सिर्फ 10 सीटों तक सिमट गई है।
इन चुनावी नतीजों ने गोवा की स्थानीय राजनीति में भाजपा की स्थिति को और मजबूत कर दिया है। भाजपा के सहयोगी दल महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) को 3 सीटें मिली हैं। इसके अलावा गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) और आम आदमी पार्टी (आप) को एक-एक सीट पर जीत मिली है। रिवोल्यूशनरी गोअन पार्टी (आरजीपी) ने 2 सीटें हासिल की हैं, जबकि 4 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
गोवा में भाजपा को मिली इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई है और पार्टी कार्यकर्ताओं व गोवा की जनता को बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गोवा सुशासन और प्रगतिशील राजनीति के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत चुनावों में भाजपा-एमजीपी (एनडीए) गठबंधन को मिला यह समर्थन गोवा के विकास के प्रयासों को और मजबूती देगा। प्रधानमंत्री ने गोवा के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य के लोगों के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस जीत का श्रेय एनडीए के मेहनती कार्यकर्ताओं को भी दिया, जिन्होंने जमीनी स्तर पर लगातार काम किया।
वहीं, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए भाजपा को राज्य की नंबर एक पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा कि गोवा की जनता ने एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताया है और पार्टी को प्रचंड जनादेश दिया है। मुख्यमंत्री सावंत ने भाजपा-एमजीपी गठबंधन के सभी नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार पर जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन गोवा के सर्वांगीण विकास, पारदर्शी और जवाबदेह शासन तथा ‘विकसित गोवा’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर काम करता रहेगा। इन नतीजों के बाद यह साफ हो गया है कि गोवा की स्थानीय राजनीति में भाजपा की पकड़ पहले से और मजबूत हुई है, जबकि कांग्रेस के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का संकेत माने जा रहे हैं।

