ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बारे में मुज्तबा ख़ामेनेई का राष्ट्र के नाम संदेश
ईरान के सर्वोच्च नेता का ईरानी जनता के नाम संदेश:
प्रिय उत्साही और वफादार ईरानी जनता,
जैसा कि आप जान चुके हैं, ईरान और अमेरिका के राष्ट्रपतियों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस चरण तक पहुँचने के लिए संबंधित अधिकारियों ने सद्भावना और राष्ट्रहित की भावना से बहुत प्रयास किए। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी विवशता और मजबूरी के कारण इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न साधनों का सहारा लिया।
मैं मूल रूप से इस समझौते के बारे में अलग राय रखता था, लेकिन सम्मानित राष्ट्रपति ने, जो कि सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष भी हैं, अपनी ओर से और परिषद के अन्य सदस्यों की ओर से मुझे यह आश्वासन दिया कि वे ईरानी राष्ट्र के अधिकारों और प्रतिरोध मोर्चे (जबहा-ए-मुकावमत) के हितों की पूरी रक्षा करेंगे तथा इसकी जिम्मेदारी स्वयं स्वीकार करेंगे। इसी आधार पर मैंने इसकी अनुमति दी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि अमेरिकी पक्ष किसी प्रकार की अनुचित मांग या अतिरिक्त दबाव डालने की कोशिश करेगा, तो वे उसे स्वीकार नहीं करेंगे।
अब से हम—अर्थात आप गौरवशाली ईरानी जनता और आपका यह सेवक—इन घोषित शर्तों के वास्तविक रूप से लागू होने की प्रतीक्षा करेंगे। यह स्पष्ट है कि भविष्य में होने वाली प्रत्यक्ष वार्ताओं का अर्थ शत्रु के विचारों या मांगों को स्वीकार करना नहीं होगा।
हम आशा करते हैं कि हमारे सरपरस्त इमाम महदी (अज्जलल्लाहु तआला फरजहुश्शरीफ़) की कृपा और दुआओं के साये में ईरान की सम्मानित जनता को विजय, सफलता और नई उपलब्धियाँ प्राप्त होंगी।

