आईआरजीसी की चेतावनी: अमेरिकी सैनिकों के गुप्त ठिकानों से तुरंत 500 मीटर की दूरी बना लें नागरिक
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जनसंपर्क विभाग ने उन देशों के नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं। बयान में कहा गया है कि अमेरिकी सैनिकों के गुप्त और अस्थायी आवासों तथा उनके ठिकानों से तत्काल कम से कम 500 मीटर की दूरी बना लें।
आईआरजीसी के अनुसार, अमेरिका ने पाँच महीने पहले बिना किसी तार्किक कारण और कानूनी औचित्य के ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू किया। बयान में दावा किया गया है कि इस दौरान दुनिया के एक प्रमुख धार्मिक विद्वान और राजनीतिक नेता को शहीद किया गया तथा 168 मासूम स्कूली बच्चों की भी हत्या कर दी गई।
बयान में कहा गया है कि ईरान ने 40 दिनों तक सफलतापूर्वक युद्ध लड़ने के बाद, जबकि वह युद्ध जारी रखने की क्षमता रखता था, क्षेत्र में शांति बहाल करने के उद्देश्य से उदारता दिखाते हुए अमेरिका के साथ वार्ता की और युद्ध समाप्ति संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए।
आईआरजीसी का आरोप है कि अमेरिका ने समझौते के शुरुआती दिनों से ही उसका उल्लंघन करना शुरू कर दिया और अपनी प्रतिबद्धताओं को तोड़ दिया। अंततः उसने आधिकारिक रूप से समझौते को समाप्त कर फिर से युद्ध शुरू कर दिया।
बयान में आगे कहा गया है कि युद्ध दोबारा शुरू होने के 13 दिनों के भीतर ही अमेरिका की दूसरी हार के संकेत दिखाई देने लगे और उसे समझ आ गया कि वह सैन्य कार्रवाई के जरिए ईरानी सशस्त्र बलों को पराजित नहीं कर सकता। इसके बाद उसने युद्ध अपराधों का सहारा लेते हुए पुलों, मछली पकड़ने वाले घाटों, लोगों की नौकाओं और लांचों, आम नागरिकों के वाहनों तथा रेलवे को निशाना बनाया और कई नागरिकों की जान ली। आईआरजीसी ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में इराक सीमा पर अरबईन यात्रियों को निशाना बनाकर अमेरिका ने अपने अपराधों को और बढ़ा दिया।
आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो उसका अगला कदम अपराधियों से प्रतिशोध लेना होगा। बयान के अनुसार, इसी डर से अमेरिकी सेना के अनेक अधिकारी और सैनिक अपने सैन्य अड्डे छोड़कर शहरों के भीतर इमारतों और गुप्त स्थानों से अपनी गतिविधियाँ संचालित कर रहे हैं।
अंत में आईआरजीसी ने उन देशों के नागरिकों से अपील की कि वे अमेरिकी सैनिकों के गुप्त ठिकानों और आवासों से तत्काल कम से कम 500 मीटर दूर रहें ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बयान में यह भी कहा गया है कि यदि किसी को अमेरिकी सैनिकों के नए ठिकानों या स्थानांतरण की जानकारी हो तो वह आईआरजीसी के आधिकारिक टेलीग्राम खाते @sepahnewsiradmin या वेबसाइट sepahnews.ir के “संपर्क करें” (Contact Us) अनुभाग के माध्यम से इसकी सूचना दे सकता है।

