ईरान ने अमेरिका द्वारा स्टारलिंक के कथित इस्तेमाल को लेकर नॉर्वे के दूत को तलब किया
ईरान ने स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर नॉर्वे के राजदूत पॉल बेइजर नेस्ताद को तलब कर औपचारिक राजनयिक विरोध दर्ज कराया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अधिकारी मोहम्मद हसन नेजाद पीरकूही ने तेहरान में हुई बैठक के दौरान आरोप लगाया कि अमेरिका और इस्राईल, ईरानी क्षेत्र में स्टारलिंक नेटवर्क का इस्तेमाल जासूसी, साइबर गतिविधियों और अन्य हस्तक्षेपकारी अभियानों के लिए कर रहे हैं।
ईरान का मुख्य तर्क यह है कि स्टारलिंक की सेवाएं उसकी अनुमति के बिना ईरानी क्षेत्र में उपलब्ध कराई जा रही हैं। तेहरान ने नॉर्वे को इसलिए ज़िम्मेदार ठहराया है क्योंकि उसके अनुसार स्टारलिंक से जुड़े अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार दायित्वों के संदर्भ में नॉर्वे की कानूनी जिम्मेदारियां हैं। ईरानी अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के रेडियो रेगुलेशंस बोर्ड के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि नॉर्वे को ईरान में स्टारलिंक के कथित अनधिकृत प्रसारणों को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए थे।
ईरान का आरोप है कि उसने पहले भी इस मुद्दे को नॉर्वे के सामने उठाया, लेकिन ओस्लो की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए तेहरान ने नॉर्वे से अपनी मांगों को तत्काल सरकार के सामने रखने और स्टारलिंक की कथित गतिविधियों को रोकने का आग्रह किया है।
ख़बर में आगे दावा किया गया है कि अमेरिका-इस्राईल संघर्ष के दौरान स्टारलिंक केवल एक वाणिज्यिक इंटरनेट सेवा नहीं रहा, बल्कि अमेरिकी सैन्य और ख़ुफ़िया गतिविधियों में भी उपयोग किया गया। ईरानी पक्ष के अनुसार, स्टारलिंक ने पारंपरिक संचार प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाला एक वैकल्पिक नेटवर्क उपलब्ध कराया, जिससे कथित तौर पर ईरान के भीतर मौजूद एजेंटों के साथ सुरक्षित संपर्क, साइबर अभियानों का समन्वय और सैन्य अभियानों के दौरान संचार संभव हुआ।
ख़बर में जनवरी 2026 की कथित अशांति का भी उल्लेख है। इसमें आरोप लगाया गया है कि अमेरिकी और इज़राइली एजेंसियों ने विरोध प्रदर्शनों और हिंसक गतिविधियों के दौरान स्टारलिंक का इस्तेमाल संचार तथा समन्वय के लिए किया। हालांकि, ये आरोप मुख्यतः ईरानी अधिकारियों और संबंधित खबर में प्रस्तुत दावों पर आधारित हैं; स्वतंत्र रूप से इन सभी आरोपों की पुष्टि का विवरण इसमें उपलब्ध नहीं है।

