कुंभ भगदड़ ममले में, यति नरसिंहानंद ने सरकार की आलोचना की
कुंभ मेले में हुई भगदड़ के बाद मौतों की संख्या को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ताज़ा मामले में यति नरसिंहानंद सरस्वती ने भी सरकारी आंकड़ों को भ्रामक बताते हुए सरकार और प्रशासन की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यह घटना कोई हादसा नहीं, बल्कि योगी सरकार की व्यवस्था के जरिए निर्दोष लोगों की हत्या है और अव्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
गाजियाबाद के डासना शिव शक्ति धाम के प्रमुख और जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी को कट्टर हिंदू धर्मगुरु माना जाता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि, कुंभ मेले में पहुंचकर उन्हें गहरी निराशा हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री पर झूठ बोलने और मृतकों के परिवारों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि योगी के निर्देश पर ही सही आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं, जबकि भगदड़ में हजारों मौतें हो चुकी हैं और जनता से इस सच्चाई को लगातार छिपाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री केवल अधिकारियों की बातों पर भरोसा कर रहे हैं और वास्तविक तथ्यों से अनजान हैं।
यति नरसिंहानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा है, जिसमें कहा गया है कि मौनी अमावस्या पर हिंदुओं के प्रति आपके बेशर्म, भ्रष्ट और संवेदनहीन अधिकारियों के अमानवीय रवैये ने मुझे यह पत्र लिखने के लिए मजबूर किया। मेरे लिए यह देखना बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है कि ये घटिया और स्वार्थी अधिकारी जनता को किस तरह मूर्ख बना सकते हैं। भ्रष्ट और स्वार्थी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर आपका भरोसा हिंदुओं की उम्मीदों को तोड़ रहा है। ये अधिकारी हिंदू समाज को हर संभव तरीके से परेशान कर रहे हैं ताकि आपको हिंदुओं की नज़रों में खलनायक बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी लिखा कि यह भयावह नरसंहार (मौनी अमावस्या घटना) मेरी मूल चिंता नहीं है। मेरी असली चिंता वह महाविनाश है, जो तेज़ी से हिंदू समाज की ओर बढ़ रहा है। इस महाविनाश से बचने के लिए हिंदुओं ने नरेंद्र मोदी को भारत का प्रधानमंत्री और आपको उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया। इस महाविनाश के डर से आज भारत के अधिकांश हिंदू आपको भारत का प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं।

