एर्दोगान, नेतन्याहू के साथ हैं, तुर्की और इस्राईल के बीच राजनयिक संबंध अभी भी क़ायम: तुर्की सांसद
जहाँ एक ओर एर्दोगान सरकार नेतन्याहू के ख़िलाफ़ तीखी बयानबाज़ी करते हुए खुद को फिलिस्तीन का समर्थक बताती है, वहीं तुर्की की संसद में लेबर पार्टी (EMEP) की सांसद सौदा कराचा ने अंकारा और तेल अवीव के बीच व्यापक लॉजिस्टिक तथा व्यापारिक संबंधों को उजागर करते हुए तुर्की सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है।
उन्होंने सरकार पर अमेरिकी साम्राज्यवादी परियोजना के साथ मिलीभगत और इस्राईल का साथ देने का भी आरोप लगाया। सौदा कराचा ने एक तीखे भाषण में एर्दोगान सरकार पर फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
ग़ाज़ा के लोगों को विस्थापित करने की ट्रंप की योजना का उल्लेख करते हुए कराचा ने कहा:
“महीनों पहले ही ट्रंप ने खुले तौर पर घोषणा कर दी थी कि, उनकी नज़र ग़ाज़ा पर है और उन्होंने स्पष्ट रूप से एक पूरी जनता को उसकी ज़मीन से बाहर निकालने की योजना की बात की थी। यह केवल किसी पागल व्यक्ति की सनक नहीं है; बल्कि क्षेत्र को नए सिरे से व्यवस्थित करने की अमेरिकी साम्राज्यवाद की रणनीति का प्रत्यक्ष रूप है।”
उन्होंने आगे कहा:
एर्दोगान सरकार, जो ट्रंप को अपना ‘दोस्त’ कहती है, अब इस स्थिति को एक अवसर के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। एर्दोगान कभी-कभी इस्राईल के साथ जुबानी जंग करते हैं, लेकिन वे लंबे समय से नेतन्याहू के साथ-साथ और अमेरिकी साम्राज्यवाद के नेतृत्व में एक नए मध्य पूर्व को आकार देने के लिए काम कर रहे हैं। कराचा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि, तुर्की और इस्राईल के बीच राजनयिक तथा व्यापारिक संबंध अभी भी कायम हैं।
उन्होंने कहा:
“इन तमाम नारों के बावजूद राजनयिक संबंध अभी भी क़ायम हैं। अरबों डॉलर का व्यापार अब भी जारी है। कुरेजिक रडार बेस से लेकर मर्सिन बंदरगाह तक, साम्राज्यवाद के लिए समर्थन और लॉजिस्टिक सहायता अभी भी जारी है। इसके अलावा, आप नाटो के शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करने की तैयारी कर रहे हैं।”
तुर्की सरकार को संबोधित करते हुए इस सांसद ने कहा:
“लोगों से झूठ मत बोलिए। जो सरकार इस्राईल के साथ व्यापार जारी रखती है, जो मर्सिन में हथियार ले जाने वाले जहाजों की लोडिंग पर अपनी आँखें बंद कर लेती है, जो अपने रक्षा मेले में इस्राईल के साथ सहयोग करने वाली कंपनियों की मेज़बानी करती है और राष्ट्रपति के दामाद के माध्यम से क़ब्ज़ा करने वाली सेना के साथ सैन्य उपकरणों के क्षेत्र में सहयोग करती है, उसे यह कहने का अधिकार नहीं है कि ‘हम फिलिस्तीन के दोस्त हैं।’ यह एक बड़ा झूठ है।”
फिलिस्तीन के साथ वास्तविक एकजुटता कैसे संभव है?
अपने भाषण के अंत में सौदा कराचा ने फिलिस्तीन के समर्थन को लेकर अपनी मांगें सामने रखीं
उन्होंने कहा, “अमेरिकी साम्राज्यवाद के साथ दोस्ती करके फिलिस्तीनी जनता के साथ एकजुटता व्यक्त नहीं की जा सकती। नाटो की प्रशंसा करके और नाटो शिखर सम्मेलन की मेजबानी करके फिलिस्तीनी जनता के साथ एकजुटता व्यक्त नहीं की जा सकती। फिलिस्तीन के समर्थन में सड़कों पर उतरने वाले लोगों का दमन करके, उन पर प्रतिबंध लगाकर और उन्हें गिरफ्तार करके फिलिस्तीन के साथ एकजुटता की बात नहीं की जा सकती।”
उन्होंने आगे कहा, “फिलिस्तीन के साथ वास्तविक एकजुटता केवल इस्राईली ज़ायनिज़्म के साथ सभी संबंध पूरी तरह तोड़कर ही संभव है। इसके लिए इस्राईल के साथ सभी राजनयिक और व्यापारिक संबंध समाप्त करने होंगे।”
कराचा ने अमेरिकी सरकार के साथ सहयोग समाप्त करने की भी मांग की। उन्होंने कहा, “अमेरिकी साम्राज्यवाद इस्राईल का सबसे बड़ा समर्थक है, इसलिए उसके साथ सहयोग समाप्त करना होगा। नाटो से बाहर निकलना होगा और इन जमीनों से साम्राज्यवादी सैन्य अड्डों को हटाना होगा। केवल तभी यह सरकार वास्तव में फिलिस्तीनी जनता के साथ खड़ी होगी।”
अंत में सौदा कराचा ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो सरकार की ओर से दिए जाने वाले तमाम बयान केवल खोखले राजनीतिक नारे बनकर रह जाएंगे। उनके अनुसार, ऐसे बयानों से फिलिस्तीनी जनता को लाभ नहीं होगा, बल्कि इसका फायदा इस्राईल के ज़ायनिज़्म को मिलेगा।

