Site icon ISCPress

जर्मनी ने इज़रायल की आलोचना करते हुए कहा,“हम ईरान के साथ बातचीत फिर से शुरू करेंगे”

जर्मनी ने इज़रायल की आलोचना करते हुए कहा,“हम ईरान के साथ बातचीत फिर से शुरू करेंगे”

जर्मनी के चांसलर फ़्रेडरिष मर्ट्स ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हालात पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली संभावित वार्ताएं अभी भी कई चुनौतियों से घिरी हुई हैं। उनके मुताबिक दोनों देशों के रुख में अब भी काफी अंतर है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बातचीत आसान नहीं होगी और किसी ठोस नतीजे तक पहुँचना समय ले सकता है।

बर्लिन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मर्ट्स ने अमेरिका–ईरान युद्ध-विराम को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष विराम कूटनीति को आगे बढ़ाने का एक “संभावित अवसर” है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक स्थायी और भरोसेमंद समझौते तक पहुँचना फिलहाल कठिन नजर आ रहा है।

चांसलर मर्ट्स ने यह भी घोषणा की कि, जर्मनी अब ईरान के साथ अपने सीधे संवाद को फिर से शुरू करने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि यह फैसला लंबे समय के ठहराव के बाद लिया गया है, जो जर्मनी की ओर से कुछ गंभीर कारणों की वजह से आया था। अब जर्मनी, अमेरिका और अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ समन्वय करते हुए तेहरान के साथ बातचीत को दोबारा शुरू करेगा, ताकि क्षेत्रीय तनाव को कम करने में मदद मिल सके।

गौरतलब है कि मर्ट्स पहले इज़रायल के मजबूत समर्थक माने जाते रहे हैं और उन्होंने हालिया संघर्ष के दौरान इज़राइल की कार्रवाइयों का समर्थन भी किया था। हालांकि, अब उनके रुख में बदलाव देखने को मिल रहा है, खासकर लेबनान में इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों को लेकर।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लेबनान में इज़रायल द्वारा की जा रही बढ़ती हिंसा चिंताजनक है और इससे पूरे क्षेत्र में चल रही शांति प्रक्रिया पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। मर्ट्स ने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति जारी रहती है, तो कूटनीतिक प्रयास पटरी से उतर सकते हैं, इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतने की जरूरत है।

Exit mobile version