यमन का सऊदी और अमीरात समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर हवाई हमला
यमन की सेना और सशस्त्र बलों ने मंगलवार तड़के देश के मध्य और दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में सऊदी समर्थित लड़ाकों और अमीराती समर्थित मिलिशिया के ठिकानों को निशाना बनाया। यमन की ओर से की गई यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब ताइज़ प्रांत के कुछ इलाकों पर सऊदी समर्थित लड़ाकों और अमीराती बलों की ओर से तोपखाने से गोलाबारी किए जाने की खबर सामने आई थी।
फार्स न्यूज एजेंसी के अंतरराष्ट्रीय समूह के अनुसार, स्थानीय सूत्रों ने मंगलवार तड़के मध्य यमन के मारिब शहर में कई धमाकों की आवाजें सुने जाने की जानकारी दी। इसके बाद यमनी सैन्य सूत्रों ने बताया कि यमन की सेना और सशस्त्र बलों ने मारिब में सऊदी समर्थित लड़ाकों के शिविरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
रूसी समाचार एजेंसी रियानोवोस्ती ने एक यमनी सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि मआरिब में सऊदी समर्थित लड़ाकों के ठिकानों पर हमला किया गया। इसके कुछ ही मिनट बाद अरब मीडिया आउटलेट साबरीन न्यूज़ ने भी रिपोर्ट किया कि दक्षिण-पश्चिमी यमन में स्थित अल-मुखा बंदरगाह में सऊदी समर्थित लड़ाकों और अमीराती समर्थित मिलिशिया के ठिकानों को हवाई हमलों का निशाना बनाया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, यमनी बलों ने इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों और हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल किया। इन कार्रवाइयों को यमनी बलों की ओर से अपने इलाकों में सक्रिय सऊदी और अमीराती समर्थित सैन्य गुटों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि इन हमलों से कुछ समय पहले ताइज़ प्रांत के कई इलाकों पर सऊदी समर्थित लड़ाकों और अमीराती बलों की ओर से तोपखाने से गोलाबारी की गई थी। इसके बाद यमनी बलों ने मआरिब और अल-मुखा में संबंधित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
यमन लंबे समय से अपने देश में विदेशी हस्तक्षेप और उसके समर्थन से सक्रिय सशस्त्र गुटों का विरोध करता रहा है। यमन की सेना का कहना है कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करना उसका अधिकार है और वह अपने इलाकों पर होने वाली सैन्य कार्रवाइयों का जवाब देने के लिए तैयार है।
हालांकि, इन हमलों में हुए संभावित नुकसान और हताहतों की संख्या के संबंध में फिलहाल विस्तृत और स्वतंत्र जानकारी सामने नहीं आई है।

