टैरिफ़ वार: चीन ने अमेरिका पर 34% टैरिफ़ लगाकर किया पलटवार
व्यापार युद्ध के मैदान में एक नया धमाका हुआ है! शुक्रवार को चीन ने अमेरिका के ख़िलाफ़ अपनी अब तक की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई करते हुए सभी अमेरिकी उत्पादों पर 34% का तगड़ा टैरिफ थोप दिया। यह कदम ट्रंप प्रशासन के हालिया टैरिफ हमले का करारा जवाब है।
चीन के इस पलटवार से अमेरिकी बाजार में हाहाकार मच गया है। इसका असर अमेरिका के शेयर बाजार पर पड़ा है। अमेरिकी शेयर बाजार के इंडेक्स- डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और नैस्डक के अलावा S&P-500 इंडेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 4 फीसदी या 1600 अंक से ज्यादा टूटकर 39,000 अंक के नीचे ट्रेड कर रहा था।
एसएंडपी 500 और टेक-हैवी नैस्डैक से जुड़े वायदा क्रमशः 150 अंक और 600 अंक नीचे कारोबार करते नजर आए। बता दें कि डाउ जोन्स अपने टॉप से 10% नीचे है जबकि नैस्डैक अपने शिखर से 18% की गिरावट के साथ बियर रेंज में चला गया है। हालांकि, कुछ देर बाद ही ये सभी इंडेक्स रिकवरी मोड में नजर आए लेकिन यह रिकवरी भी निगेटिव जोन की थी।
बीजिंग ने साफ कर दिया कि वह इस खेल में पीछे नहीं हटेगा। टैरिफ की इस जंग ने न सिर्फ दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी हलचल मचा दी है। तो, क्या यह आर्थिक शीत युद्ध की शुरुआत है, या फिर बस एक जोरदार शक्ति प्रदर्शन?
दरअसल, चीन ने अमेरिका के ख़िलाफ़ अपनी पहली बड़ी जवाबी कार्रवाई की घोषणा की। बीजिंग ने कहा है कि वह 10 अप्रैल से सभी अमेरिकी उत्पादों पर 34% का अतिरिक्त टैरिफ़ लगाएगा। यह क़दम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में चीनी आयात पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ़ के जवाब में उठाया गया है।
ट्रंप ने इसे ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ यानी जवाबी टैरिफ़ क़रार देते हुए दावा किया था कि यह क़दम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और वैश्विक व्यापार में संतुलन लाने के लिए ज़रूरी है। लेकिन चीन के इस जवाब ने दोनों देशों के बीच पहले से चले आ रहे व्यापार युद्ध को और गहरा कर दिया है।