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‘शून्य संवर्धन’ वार्ता के दायरे से बाहर है: अराक़ची

‘शून्य संवर्धन’ वार्ता के दायरे से बाहर है: अराक़ची

ईरान के विदेश मंत्री ने अब्बास अराक़ची ने दोहा में कहा कि अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत “अच्छी शुरुआत” रही है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि यूरेनियम संवर्धन ईरान का पूर्ण अधिकार है और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम किसी भी वार्ता के दायरे में नहीं आता।

ईरान के विदेश मंत्री अराक़ची, जो 17वीं खाड़ी देशों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दोहा गए थे, ने शनिवार को अल-जज़ीरा से बातचीत में कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच हाल की बातचीत “अच्छी शुरुआत” रही है, लेकिन दो पक्षों के बीच भरोसा बनाने के लिए लंबा रास्ता तय करना बाकी है।

संवर्धन हमारा अधिकार है
उन्होंने स्पष्ट किया कि ये वार्ता अप्रत्यक्ष रूप से हुई और केवल परमाणु मामले पर केंद्रित थी। अराक़ची ने कहा कि ‘शून्य संवर्धन’ का मुद्दा मूलतः वार्ता के दायरे से बाहर है और ईरान इस विकल्प को स्वीकार नहीं करता। विदेश मंत्री ने आगे कहा: “संवर्धन हमारा निश्चित अधिकार है और इसे जारी रहना चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य हमलों ने भी ईरान की परमाणु क्षमताओं को समाप्त नहीं किया। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान एक ऐसा समझौता करने को तैयार है जो संवर्धन से संबंधित चिंताओं को दूर करे और आवश्यक विश्वास प्रदान करे।

अराक़ची ने यह भी कहा कि,
ईरान का मिसाइल कार्यक्रम रक्षा-उन्मुख है और न वर्तमान में और न भविष्य में किसी वार्ता का हिस्सा बनेगा। उन्होंने कहा कि वार्ता का मार्ग किसी भी तरह के दबाव या धमकी से मुक्त होना चाहिए और ईरान आशा करता है कि अमेरिका इसी दृष्टिकोण का पालन करेगा।

विदेश मंत्री ने वार्ता जारी रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वार्ता का उद्देश्य “न्यायसंगत और आपसी हितों पर आधारित” परिणाम हासिल करना होना चाहिए, जिसके लिए भरोसा बनाने और वास्तविक वार्ता करने की जरूरत है।

अराक़ची ने केवल कूटनीति को ही ईरान के परमाणु मामले का समाधान बताते हुए कहा कि संवर्धन का स्तर देश की आंतरिक जरूरतों के आधार पर तय किया जाएगा और संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर ले जाना भी नहीं होगा।

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि हालांकि अभी दूसरे दौर की बैठक की कोई निश्चित तारीख नहीं है, लेकिन तेहरान और वॉशिंगटन दोनों जल्दी बैठक करने के लिए सहमत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि वार्ता अप्रत्यक्ष थी, लेकिन कल उन्हें अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से आमने-सामने मिलने और हाथ मिलाने का अवसर मिला।

अंत में अराक़ची ने अल-जज़ीरा के पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि युद्ध की छाया हमेशा बनी रहती है, और ईरान पूरी सैन्य तैयारी के साथ होने के बावजूद किसी संघर्ष को रोकने के लिए हर प्रयास करेगा। विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करता, बल्कि अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता है, और इन दोनों में बहुत बड़ा अंतर है।

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