यमनी सेना ने हज्जा के ऊपर सऊदी सशस्त्र टोही ड्रोन को मार गिराया: याह्या सरी
यमनी सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने यह घोषणा की है कि, यमन के सशस्त्र बलों ने देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित हज्जा गवर्नरेट के ऊपर सऊदी अरब के एक सशस्त्र टोही ड्रोन को मार गिराया है। रविवार सुबह जारी एक बयान में सरी ने कहा कि यमन की वायु रक्षा प्रणालियों ने सऊदी सेना के करायेल (Karayel) प्रकार के एक ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर मार गिराया। उनके अनुसार, ड्रोन हज्जा के हवाई क्षेत्र में कथित शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। इसे उपयुक्त हथियार का इस्तेमाल करके मार गिराया गया।
उन्होंने बताया कि हालिया तनाव बढ़ने की शुरुआत से अब तक इसी प्रकार का यह चौथा ड्रोन है, जिसे मार गिराया गया है। वहीं, यमन के हवाई क्षेत्र में इस तरह के ड्रोन के प्रवेश शुरू होने के बाद से अब तक कुल सात करायेल ड्रोन गिराए जा चुके हैं।
करायेल तुर्किये में निर्मित एक मध्यम ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम मानव रहित हवाई वाहन (UAV) है। इसका निर्माण लेंटाटेक (Lentatek) कंपनी करती है, जो पहले वेस्टेल (Vestel) से जुड़ी हुई थी। सऊदी सेना ने करायेल के सशस्त्र टोही संस्करण का इस्तेमाल यमन के ऊपर निगरानी रखने और लक्ष्यों की पहचान करने वाले अभियानों में किया है। इससे पहले भी यमनी सैन्य मीडिया ने हज्जा और अन्य प्रांतों में इसी प्रकार के मार गिराए गए करायेल ड्रोन के मलबे के वीडियो जारी किए हैं।
यह ताज़ा घटना ऐसे समय में हुई है, जब यमन के कई प्रांतों में सऊदी अरब की ओर से हवाई हमले और मिसाइल हमले जारी हैं। इन हमलों में बार-बार नागरिक इलाके, बुनियादी ढाँचे और आवासीय स्थलों को निशाना बनाए जाने की ख़बरें सामने आई हैं। यमनी बलों का कहना है कि वे देश की राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करने और जारी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए वायु रक्षा अभियान चला रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि, ये कार्रवाई यमन पर लंबे समय से लगाए गए नाकेबंदी के बीच की जा रही है।
सरी की यह घोषणा सऊदी अरब और उसके नेतृत्व वाले गठबंधन के ड्रोन को मार गिराने के पहले किए गए कई दावों के बाद आई है। इन दावों में करायेल, सीएच-4 (CH-4) और विंग लूंग (Wing Loong) जैसे ड्रोन शामिल हैं, जिन्हें हज्जा, सादा, अल-जौफ और अन्य इलाकों के ऊपर रोके जाने या मार गिराए जाने की बात कही गई है।
यमनी अधिकारियों का दावा है कि सऊदी सेना की हवाई गतिविधियाँ तेज होने के साथ ही ऐसे ड्रोन को मार गिराने की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है। यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब का सैन्य अभियान वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। इस युद्ध के कारण बड़े पैमाने पर नागरिकों की मौत हुई है और देश गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा है। सना (यमन की राजधानी) में स्थित अधिकारियों का कहना है कि जब तक यमन के ख़िलाफ़ आक्रामक कार्रवाई समाप्त नहीं होती, तब तक ऐसी रक्षात्मक कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी।

