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यमन की निवेशकों को चेतावनी, इज़रायल से तुरंत बाहर निकलें

यमन की निवेशकों को चेतावनी, इज़रायल से तुरंत बाहर निकलें

यमन की सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के अध्यक्ष मेहदी अल-मशात ने फिलिस्तीन के कब्ज़े वाले क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को चेतावनी दी है: “इससे पहले कि देर हो जाए, वहां से निकल जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सना आने वाले दिनों में इज़रायल के खिलाफ और भी कड़े फैसले ले सकता है और इन क्षेत्रों में सक्रिय कंपनियां वास्तविक और गंभीर ख़तरों का सामना कर सकती हैं।

यमन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘सबा’ से बातचीत में अल-मशात ने इज़रायल में निवेश करने वाली सभी कंपनियों से यमन की चेतावनी को गंभीरता से लेने का आह्वान किया और उनसे कहा कि “वे तुरंत बाहर निकल जाएं।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इज़रायली शासन में इन कंपनियों के लिए माहौल सुरक्षित नहीं है और अगर वे वहीं बनी रहती हैं तो उन्हें संभावित नुक़सान की ज़िम्मेदारी खुद उठानी होगी।

अल-मशात ने चेतावनी दी कि यमनी सशस्त्र बलों की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करना एक ख़तरनाक जुआ है, जिससे कंपनियों को फिलिस्तीन में रहने की भारी क़ीमत चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि सना जल्दी ही इज़रायली क्षेत्रों में निवेश कर रही कंपनियों के लिए एक डेडलाइन तय करेगी ताकि इज़रायली शासन को अधिक नुक़सान से बचाया जा सके और दूसरे पक्ष संघर्ष में न खिंचें।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ कंपनियों ने पहले ही अपने निवेश स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी है और बाकी को भी सलाह दी कि “देर होने से पहले बाहर निकल जाएं।” अल-मशात ने चेताया कि अगर यमन की सेनाएं इज़रायली शासन के खिलाफ तनाव के नए चरण की शुरुआत करती हैं तो न केवल इज़रायल में बल्कि बाहर भी निवेश पर असर पड़ सकता है।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि “नेतन्याहू की अपराधी सरकार को इन कंपनियों की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। जो सरकार अपने क़ैदियों की जान की परवाह नहीं करती, वो कंपनियों और उनके निवेश की परवाह कैसे करेगी?”

इस चेतावनी के बाद यमन के रक्षा मंत्रालय के एक सूत्र ने भी शनिवार को इज़रायल में सक्रिय विदेशी कंपनियों से कहा कि वे “फौरन बाहर निकल जाएं।” उन्होंने कहा कि, इज़रायल में निवेश का माहौल अब सुरक्षित नहीं है और यमन के मिसाइलों में कई वारहेड लगे होते हैं, जो अगर इंटरसेप्ट भी हो जाएं, तो बंटकर कई और लक्ष्यों को भेद सकते हैं।

इस स्रोत ने बताया कि इस प्रणाली से इज़रायल की रक्षा प्रणाली लगभग बेअसर हो चुकी है। उन्होंने फिर दोहराया कि जब तक ग़ाज़ा की नाकाबंदी समाप्त नहीं होती और आक्रमण बंद नहीं होता, यमन की मिसाइलें हमला जारी रखेंगी। कुछ दिन पहले ही अल-मशात ने यह भी कहा था कि यमन की एयर डिफेंस प्रणाली जल्द ही ऐसी क्षमताएं प्रदर्शित करेगी जो इज़रायल के लिए चौंकाने वाली होंगी, और उन्होंने “इज़रायली लड़ाकू विमानों के खिलाफ जल्द अच्छी ख़बरें” आने की बात कही थी।

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