यमन की सऊदी अरब के हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर व्यापक मिसाइल और ड्रोन कार्रवाई
यमनी सशस्त्र बलों ने तीन अलग-अलग अभियानों में अदन हवाई अड्डे, रियाद हवाई अड्डे और सऊदी अरब के तीन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। यमनी सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब की ओर से किए जा रहे हमलों के जवाब में आज बुधवार को तीन अलग-अलग अभियानों के दौरान सऊदी अरब के क्षेत्र तथा उसके नियंत्रण वाले इलाकों में स्थित विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाया।
अदन हवाई अड्डे पर सऊदी सैन्य सामग्री को निशाना बनाया गया
यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता याह्या सरीअ ने एक बयान जारी कर कहा कि यमनी सशस्त्र बलों ने बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए सऊदी अरब द्वारा भेजी गई सैन्य उपकरणों की खेप को निशाना बनाया। यह खेप अंतरराष्ट्रीय अदन हवाई अड्डे के निकट स्थित बद्र शिविर में पहुंची थी।
दर्जनों सऊदी अधिकारियों के मारे जाने का दावा
बयान के अनुसार, इस मिसाइल हमले में कई सऊदी अधिकारी मारे गए या घायल हुए। यमनी सशस्त्र बलों ने चेतावनी दी कि, दुश्मन द्वारा अदन के नागरिक हवाई अड्डे का सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है और यदि ऐसा दोबारा किया गया तो इसका जवाब दिया जाएगा।
यमन का रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला, उड़ानें रोकी गईं
यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता याह्या सरीअ ने यह भी कहा कि रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को एक बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया। बयान के अनुसार, मिसाइल ने सटीक रूप से अपने लक्ष्य को निशाना बनाया, जिसके बाद इस हवाई अड्डे पर हवाई यातायात और उड़ानों की आवाजाही रोक दी गई।
तीन सऊदी सैन्य ठिकानों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन अभियान
यमनी सशस्त्र बलों ने यह भी घोषणा की कि, ईश्वर की कृपा से, उन्होंने एक विशेष और लक्षित सैन्य अभियान चलाया, जिसके दौरान सऊदी अरब के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित तीन महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
बयान के अनुसार, जिज़ान में अल-दघारीर, असीर में आकिफ़ा और जिज़ान में अल-मौसम सैन्य ठिकानों को बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। इन सभी ठिकानों पर सऊदी सैनिकों की तैनाती और जमावड़ा था।
गोला-बारूद के भंडार और हथियारों के डिपो नष्ट होने का दावा
बयान में कहा गया है कि इस अभियान के दौरान मिसाइलों और ड्रोन ने सटीक रूप से अपने लक्ष्यों को निशाना बनाया। बयान के अनुसार, ईश्वर की कृपा से दर्जनों सऊदी सैनिक, जिनमें सैनिक और अधिकारी शामिल हैं, मारे गए या घायल हुए। बयान में आगे कहा गया है कि इस अभियान के दौरान इन सैन्य ठिकानों के कई गोला-बारूद भंडार और हथियारों के डिपो आग की चपेट में आ गए और उनमें आग लग गई।

