हिज़्बुल्लाह के हमलों के डर से दक्षिणी लेबनान से इज़रायली सैनिकों की वापसी
इब्रानी (हिब्रू) मीडिया ने खबर दी है कि इज़रायली शासन की सेना की कई इकाइयों को दक्षिणी लेबनान से हटाकर अन्य क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है। हिज़्बुल्लाह के हमलों की बढ़ती आशंका और उत्तरी मोर्चे पर लगातार बने दबाव के बीच इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान के समीप तैनात अपनी कई सैन्य इकाइयों को पीछे हटाने का फैसला किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, “पैराट्रूपर्स डिवीजन” को ग़ाज़ा पट्टी भेज दिया गया है, जबकि “एलीट डिवीजन” को पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) में तैनात किया गया है। इसके अलावा, इज़रायली सेना की 98वीं और 162वीं डिवीजन के कमांड मुख्यालयों ने उत्तरी कब्ज़े वाले इलाक़ों (दक्षिणी लेबनान के मोर्चे के समीप) में अपनी गतिविधियाँ समाप्त कर दी हैं और उस क्षेत्र से हट गए हैं।
इज़रायल के सरकारी प्रसारण संगठन ने भी घोषणा की है कि इज़रायली सेना दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य मौजूदगी कम कर रही है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब इस मोर्चे पर हिज़्बुल्लाह के संभावित हमलों को लेकर चिंताएँ लगातार बनी हुई हैं।
इसी संदर्भ में, इब्रानी अख़बार “मारीव” के विश्लेषक आवी अश्कनाज़ी ने इज़रायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल ज़मीर के उस फैसले को “सही कदम” बताया, जिसके तहत लेबनान से और अधिक सैन्य इकाइयों को वापस बुलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि ये सैन्य इकाइयाँ हिज़्बुल्लाह के लिए आसान निशाना न बन जाएँ।
इज़रायल के सरकारी प्रसारण संगठन ने भी स्वीकार किया है कि दक्षिणी लेबनान के समीप सैन्य मौजूदगी कम की जा रही है। ऐसे समय में जब हिज़्बुल्लाह लगातार अपनी सैन्य क्षमता, मिसाइल ताकत और सीमा पार जवाबी हमले की तैयारी का संकेत दे रहा है, इज़रायली नेतृत्व किसी बड़े नुकसान से बचने के लिए सतर्क रणनीति अपना रहा है।

