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तेल की गंध आते ही अमेरिका, खूँखार शार्क से अधिक ख़तरनाक हो जाता है: एर्दोगान  के सहयोगी

तेल की गंध आते ही अमेरिका, खूँखार शार्क से अधिक ख़तरनाक हो जाता है: एर्दोगान  के सहयोगी

तुर्की की राष्ट्रवादी आंदोलन पार्टी (एमएचपी) के अध्यक्ष और राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान के क़रीबी सहयोगी देवलेट बहचेली ने वॉशिंगटन की नीतियों पर कड़ा हमला करते हुए अमेरिकी साम्राज्यवाद की तुलना एक शार्क से की। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका को तेल की गंध आती है, तो वह रक्तपिपासु शार्क से भी ज़्यादा ख़तरनाक हो जाता है।

देवलेट बहचेली ने आज (मंगलवार) तुर्की की राष्ट्रीय संसद में अपनी पार्टी के संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक में वैश्विक घटनाक्रमों का विश्लेषण किया और वेनेज़ुएला में अमेरिका की कार्रवाई की तीखी आलोचना की।

बहचेली ने अमेरिका के हालिया हमले और वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण के प्रयास का उल्लेख करते हुए कहा, “सबसे पहले उस राष्ट्रपति को निशाना बनाया गया है जो वैध चुनावों के माध्यम से सत्ता में आया और जिसकी देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। यह एक अवैध हमला है, जिसकी मैं न केवल निंदा करता हूँ, बल्कि इसकी कड़ी भर्त्सना भी करता हूँ।”

इसके बाद उन्होंने वॉशिंगटन की नीतियों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों की आलोचना करते हुए कहा, “ट्रंप की बुद्धि और नैतिकता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। अमेरिका का यह दावा कि, वह स्वयं वेनेज़ुएला को चलाएगा, ऊर्जा संसाधनों की लूट का संकेत है और नए साम्राज्यवाद व नए उपनिवेशवाद की पुनर्रचना को उजागर करता है।”

अंत में बहचेली ने “या समझौता, या बल प्रयोग” की नीति की ओर इशारा करते हुए कहा कि, अमेरिका की ये कार्रवाइयाँ कभी भी वैध नहीं होंगी। उन्होंने कहा, “रक्त की गंध सूँघने वाली शार्क से भी अधिक ख़तरनाक वह अमेरिकी साम्राज्यवाद है, जिसे तेल की गंध आ गई हो।”

शनिवार को अमेरिकी सेनाओं ने एक व्यापक सैन्य अभियान के तहत वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कराकास से अगवा कर न्यूयॉर्क ले जाया। अमेरिका ने दावा किया कि यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी और “क्षेत्रीय सुरक्षा को बाधित करने” के ख़िलाफ़ लड़ाई का हिस्सा है, लेकिन इस अभियान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचनाएँ सामने आईं।

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