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दुश्मन के आसमान पर अब हमारा नियंत्रण है: ईरान

दुश्मन के आसमान पर अब हमारा नियंत्रण है: ईरान

एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के बयान के अनुसार, मौजूदा सैन्य कार्रवाई केवल तत्काल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक और सुविचारित रणनीति का हिस्सा है, जिसे महीनों पहले तैयार किया गया था। यह दर्शाता है कि ईरान बिना जल्दबाज़ी के, पूरी योजना और संयम के साथ अपने कदम उठा रहा है।

ईरानी पक्ष का कहना है कि यह संघर्ष उनकी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए है। पिछले समय में हुए हमलों—जिनमें ईरान के सैन्य ठिकानों और नेतृत्व को निशाना बनाया गया—को देखते हुए तेहरान इसे “रक्षात्मक जवाब” मानता है।

अधिकारी ने यह भी दावा किया कि दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली को गंभीर नुकसान पहुँचाने के बाद अब ईरान ने रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है। इस स्थिति को वह “आसमान पर नियंत्रण” के रूप में पेश कर रहा है—यानी अब ईरान अपनी शर्तों पर जवाब देने की स्थिति में है।

ईरान की रणनीति का एक अहम पहलू “सब्र और चरणबद्ध कार्रवाई” है। इसका मतलब यह है कि हर कदम सोच-समझकर और तय समय के अनुसार उठाया जा रहा है, ताकि दुश्मन पर दबाव लगातार बना रहे और उसे रणनीतिक रूप से कमजोर किया जा सके।

ईरानी नेतृत्व का मानना है कि इस समय युद्धविराम की जल्दबाज़ी करना उनके हित में नहीं है, क्योंकि उनका उद्देश्य केवल तत्काल जवाब देना नहीं, बल्कि भविष्य में किसी भी आक्रामक कार्रवाई को रोकने के लिए एक “मजबूत संदेश” देना है।

इसी संदर्भ में, ईरान “हमलावर को दंडित करने” की नीति पर ज़ोर दे रहा है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की कार्रवाइयों का कड़ा जवाब नहीं दिया गया, तो भविष्य में और हमले हो सकते हैं। इसलिए यह अभियान केवल सैन्य नहीं, बल्कि “निरोध (deterrence)” स्थापित करने की कोशिश भी है।

कुल मिलाकर, ईरान अपने रुख को एक जिम्मेदार, योजनाबद्ध और रक्षात्मक प्रतिक्रिया के रूप में प्रस्तुत कर रहा है—जहाँ वह न केवल वर्तमान हमलों का जवाब दे रहा है, बल्कि भविष्य के खतरों को भी रोकने की रणनीति बना रहा है।

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