हम बिल्कुल भी सीज़फायर की कोशिश में नहीं हैं: ईरान
ईरानी संसद के अध्यक्ष क़ालीबाफ़ ने कहा है कि, ईरान फिलहाल किसी भी प्रकार के युद्ध-विराम (सीज़फायर) की कोशिश में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि देश का मानना है कि हमलावर को ऐसा कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाना चाहिए जिससे उसे सबक मिले और वह भविष्य में कभी भी ईरान पर हमला करने की हिम्मत न कर सके।
ईरान की संसद के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी देश या ताकत ने ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती देने की कोशिश की, तो उसे सख्त प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना था कि मजबूत जवाब ही ऐसा रास्ता है जिससे दुश्मनों को यह संदेश दिया जा सकता है कि, ईरान पर हमला करने की कीमत बहुत भारी पड़ेगी।
क़ालिबाफ़ ने आगे कहा कि इज़रायल का ज़ायोनी शासन लंबे समय से एक खास रणनीति पर चलता रहा है। उनके अनुसार यह रणनीति “युद्ध – बातचीत – युद्धविराम – और फिर दोबारा युद्ध” के चक्र पर आधारित है। उनका दावा है कि इस तरीके से इज़रायल क्षेत्र में अपनी राजनीतिक और सैन्य पकड़ बनाए रखने की कोशिश करता है और संघर्ष को लगातार जारी रखता है।
ईरानी संसद अध्यक्ष के मुताबिक ईरान इस चक्र को तोड़ने का इरादा रखता है। उन्होंने कहा कि अगर हमलावर को समय पर और कड़ा जवाब दिया जाए तो वह भविष्य में ऐसे कदम उठाने से पहले कई बार सोचेगा। क़ालिबाफ़ का कहना था कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।
उन्होंने अंत में दोहराया कि ईरान की नीति स्पष्ट है—अगर देश पर हमला होगा तो उसका जवाब भी पूरी ताकत से दिया जाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी शक्ति ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करने की हिम्मत न कर सके।

