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इस्राईली वित्त मंत्री स्मोट्रिच के सिनाई संबंधी बयान के बाद… मिस्र में ग़ुस्से की लहर

इस्राईली वित्त मंत्री स्मोट्रिच के सिनाई संबंधी बयान के बाद… मिस्र में ग़ुस्से की लहर

इस्राईल के वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच के मिस्र और सिनाई प्रायद्वीप से संबंधित बयानों ने मिस्र के मीडिया में तीखी आलोचना को जन्म दिया है। इनमें से कुछ प्रतिक्रियाओं में इस्राईल के ख़िलाफ़ सीधे तौर पर धमकियाँ भी दी गईं।

मिस्र के कई पत्रकारों और राजनेताओं ने इस्राईली मंत्री पर कड़ा हमला बोला। सांसद और पत्रकार मुस्तफ़ा बिकरी ने स्मोट्रिच पर निशाना साधते हुए उन्हें “एक कट्टरपंथी ज़ायोनी गुंडा” बताया। उन्होंने कहा कि स्मोट्रिच मिस्र के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, मानो वह “बिना किसी मालिक की ज़मीन” हो।

बिकरी ने कहा कि मिस्र की सेना “राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने की हिम्मत करने वाले किसी भी व्यक्ति को कुचलने के लिए तैयार है।” उन्होंने स्मोट्रिच को सीधे संदेश देते हुए कहा: “तुम कैदी बनोगे।”

इसी तरह, पत्रकार अहमद मूसा ने अपने कार्यक्रम “अला मसऊलियती” में चेतावनी दी कि,
यदि “इस्राईल ने कोई दुस्साहस किया, तो इस्राईली राज्य नहीं रहेगा।” उन्होंने कहा कि सिनाई के लिए किसी भी प्रकार का खतरा मिस्र के साथ सीधे टकराव का कारण बनेगा।

मूसा ने आगे कहा: “1967 में जो हुआ, वह दोबारा नहीं होगा।”

वहीं, एमबीसी मिस्र के कार्यक्रम “अल-हिकाया” में पत्रकार अम्र अदीब ने और अधिक तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा:

“हमें समुद्र में फेंकने से पहले, आप खुद नालियों में होंगे।”

उन्होंने आगे कहा:

“न तेल अवीव रहेगा, न बेन गुरियन हवाई अड्डा रहेगा और न नेतन्याहू रहेगा।”

ये प्रतिक्रियाएँ स्मोट्रिच के उस बयान के जवाब में आईं, जिसमें उन्होंने कहा था:

“मिस्र को हम पर हमला करने से कौन रोकेगा? यह समझ कि अगर उन्होंने हम पर हमला किया, तो कम-से-कम सिनाई नहीं रहेगा।”

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