ईरान से युद्ध, ट्रंप के लिए न भूलने वाला सबक़ होगा: मेजर जनरल मूसवी
ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान से युद्ध, ट्रंप के लिए एक सबक साबित होगा। समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल सैयद अब्दुल रहीम मूसवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा:
“अमेरिकी राष्ट्रपति, जो खुद को महाशक्ति होने का दावा करते हैं, उनके बयान किसी राष्ट्रपति के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं और वे हल्के तथा गैर-जिम्मेदाराना हैं।”
उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ट्रंप, युद्ध करना चाहते हैं तो फिर बातचीत की बात क्यों करते हैं? उन्होंने कहा, “ट्रंप को यह समझ लेना चाहिए कि यदि वे युद्ध में उतरते हैं तो यह उनके लिए एक ऐसा सबक होगा कि उसके बाद वे दुनिया में इस तरह की धमकियाँ नहीं दे पाएंगे।”
ईरानी सैन्य नेतृत्व का मानना है कि बीते वर्षों में क्षेत्रीय हालात ने यह साबित किया है कि सैन्य दबाव की रणनीति उल्टा असर डालती है। मूसवी ने इशारा किया कि, ईरान की रक्षा क्षमताएं पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं और किसी भी आक्रमण का जवाब निर्णायक और अनुपातिक होगा। उनका कहना था कि “युद्ध छेड़ना आसान बयान हो सकता है, लेकिन उसके परिणामों का बोझ उठाना आसान नहीं होता।”
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान केवल चेतावनी नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश है। ईरान यह दिखाना चाहता है कि वह दबाव में झुकने वाला देश नहीं है और क्षेत्रीय संतुलन को बिगाड़ने वाली किसी भी कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम है। मूसवी ने अंत में कहा कि यदि अमेरिका टकराव का रास्ता चुनता है, तो वह अनुभव उसके लिए ऐसा सबक होगा जिसे वह लंबे समय तक याद रखेगा।
ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन युद्ध थोपे जाने पर पीछे भी नहीं हटेगा
उनका संकेत साफ था: ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन युद्ध थोपे जाने पर पीछे हटने वाला भी नहीं है।

