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अमेरिकी बल ऐन अल-असद सैन्य अड्डे से निकलेंगे: इराक़

अमेरिकी बल ऐन अल-असद सैन्य अड्डे से निकलेंगे: इराक़

बगदाद ने घोषणा की है कि अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन बल अगले एक सप्ताह के भीतर ऐन अल-असद सैन्य अड्डे से अपनी वापसी की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इराक़ की संयुक्त सैन्य कमान ने पश्चिमी इराक में स्थित ऐन अल-असद वायुसेना अड्डे से अमेरिकी गठबंधन बलों की शीघ्र वापसी की पुष्टि की है। यह अड्डा बीते वर्षों में इराक़ में अमेरिकी बलों की तैनाती का एक प्रमुख केंद्र रहा है।

इराक़ की संयुक्त सैन्य कमान के उपकमांडर क़ैस अल-मुहम्मदावी ने आज (बुधवार) एक प्रेस वार्ता में कहा:
“अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की सेनाएं एक सप्ताह के भीतर ऐन अल-असद से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू कर देंगी।”

उन्होंने इराक की सुरक्षा स्थिति में सुधार की ओर संकेत करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में “महत्वपूर्ण सुरक्षा सफलताएँ” हासिल की गई हैं और आतंकवादी समूहों की गतिविधियों में स्पष्ट कमी आई है। अल-मुहम्मदावी के अनुसार, इराक़ी सुरक्षा बलों ने इस वर्ष ड्रोन हमलों के माध्यम से 39 आतंकवादियों को मार गिराया है और इसी अवधि में इराक़ की सीमाओं से किसी भी प्रकार की घुसपैठ की दर “शून्य प्रतिशत” दर्ज की गई है।

ये घटनाक्रम इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के हालिया बयानों के अनुरूप हैं। उन्होंने एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा था कि, आने वाले दिनों में ऐन अल-असद अड्डे पर पूर्ण नियंत्रण इराक़ को सौंप दिया जाएगा।

अल-सुदानी ने आतंकवादी संगठन दाइश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा:
“इराक़ में दाइश (आईएसआईएस )से कोई वास्तविक खतरा नहीं है और इस संगठन का देश में कोई प्रभावी ठिकाना मौजूद नहीं है।” इराक़ी प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया था कि “वर्तमान परिस्थितियों में इराक़ की धरती पर अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की मौजूदगी का कोई औचित्य नहीं है।”

बगदाद और वॉशिंगटन के बीच सितंबर 2024 में हुए समझौते के अनुसार, वर्ष 2026 के अंत को इराक़ में अमेरिकी गठबंधन के मिशन की औपचारिक समाप्ति की समय-सीमा के रूप में निर्धारित किया गया है। इसके बाद, गठबंधन देशों के साथ इराक़ के सुरक्षा संबंध द्विपक्षीय आधार पर जारी रहेंगे।

इस वापसी के व्यावहारिक संकेत अगस्त 2025 से दिखाई देने लगे थे, जब सुरक्षा सूत्रों ने ऐन अल-असद अड्डे से कई अमेरिकी सैन्य काफ़िलों के निकलने की सूचना दी थी। इनमें से कुछ काफ़िलों में भारी सैन्य उपकरण भी शामिल थे।

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