Site icon ISCPress

अमेरिकी लड़ाकू विमानों के हैंगर, ईरानी क्रूज़ मिसाइलों से नष्ट: आईआरजीसी

अमेरिकी लड़ाकू विमानों के हैंगर, ईरानी क्रूज़ मिसाइलों से नष्ट: आईआरजीसी

इस्लामी क्रांति गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक नए बयान में कहा है कि उसकी नौसेना ने कुछ घंटे पहले एक संयुक्त मिसाइल और ड्रोन अभियान के तहत क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। बयान के अनुसार इस अभियान में अमेरिकी लड़ाकू विमानों के कई हैंगरों को भारी विस्फोटक क्रूज़ मिसाइलों से नष्ट कर दिया गया।

आईआरजीसी के अनुसार हमले का मुख्य लक्ष्य शेख ईसा और अल-ज़फ़रा वायुसेना अड्डे थे, जहां अमेरिकी सेना के लड़ाकू विमान और सैन्य उपकरण तैनात थे। बताया गया है कि इन ठिकानों पर मौजूद लड़ाकू विमानों के आश्रय-स्थलों (हैंगर) को सटीक निशाने के साथ मार करने वाली मिसाइलों से तबाह कर दिया गया। हमले के बाद कई स्थानों पर आग लगने और बड़े-बड़े धुएँ के गुबार उठने की खबरें सामने आई हैं।

आईआरजीसी की नौसेना ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई हाल के दिनों में ईरानी द्वीपों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई है। विशेष रूप से अल-ज़फ़रा एयरबेस को उन हमलों का मुख्य केंद्र बताया गया है जहाँ से अमेरिकी विमान उड़ान भरकर क्षेत्र में अभियान चला रहे थे। मिसाइल हमले के बाद इस अड्डे की संचालन क्षमता में गंभीर गिरावट आने की बात कही जा रही है।

सैन्य सूत्रों के अनुसार इस अभियान में क्रूज़ मिसाइलों के साथ-साथ निगरानी और हमलावर ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया, जिनकी मदद से लक्ष्यों की पहचान कर सटीक हमले किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शेख ईसा एयरबेस के मरम्मत और लॉजिस्टिक हैंगरों पर मिसाइल गिरने के बाद वहाँ लगातार धुएँ के स्तंभ उठते दिखाई दिए।

आईआरजीसी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर इस प्रकार की कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक इन अड्डों को पूरी तरह खाली नहीं कर दिया जाता। साथ ही क्षेत्र के मुस्लिम देशों के नागरिकों से अपील की गई है कि वे इन सैन्य अड्डों के आसपास जाने से बचें, क्योंकि आने वाले समय में ऐसे और हमले हो सकते हैं।

Exit mobile version