ईरान के सामने ट्रंप की लाचारी; “नाटो मदद करे, नहीं तो…”
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों को चेतावनी दी है कि अगर वे हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने में अमेरिका की मदद नहीं करते, तो नाटो के भविष्य के लिए “बहुत बुरा समय” आ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान इस बात का संकेत है कि अमेरिका को इस संघर्ष में अकेले स्थिति संभालना कठिन पड़ रहा है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों और चीन से भी आग्रह किया कि वे इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने में अमेरिका का साथ दें, क्योंकि दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ ही दिनों पहले ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी सेना की स्थिति मजबूत है, लेकिन अब उन्हें नाटो और अन्य देशों से सैन्य सहयोग की अपील करनी पड़ रही है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि क्षेत्र में ईरान की रणनीतिक क्षमता और प्रभाव को नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
ईरान का कहना है कि वह अपने खिलाफ हो रहे हमलों और दबाव के जवाब में अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों की रक्षा कर रहा है। कई पर्यवेक्षकों के अनुसार, मौजूदा घटनाक्रम यह दिखाता है कि मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन बदल रहा है और अमेरिका को भी अब अंतरराष्ट्रीय समर्थन की जरूरत महसूस हो रही है।

