ट्रंप ने ग़ाज़ा पर मानसिक युद्ध छेड़ रखा है: संयुक्त राष्ट्र अधिकारी
संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीन के लिए विशेष मानवाधिकार रिपोर्टर फ्रांसेस्का अल्बानेज़ ने ग़ाज़ा को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की हालिया बयानबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि “ट्रंप प्रशासन ग़ाज़ा को लेकर एक सुनियोजित मानसिक युद्ध चला रहा है।”
उन्होंने अल-जज़ीरा को दिए गए इंटरव्यू में ट्रंप द्वारा ग़ाज़ा के भविष्य को लेकर जारी किए गए वीडियो को “घृणास्पद और भ्रामक” करार दिया और कहा कि इस तरह की “मूर्खतापूर्ण” विचारधारा, जो फ़लस्तीनियों के जबरन निष्कासन की वकालत करती है, को सख़्ती से खारिज किया जाना चाहिए।
अल्बानेज़ ने यह भी खुलासा किया कि ग़ाज़ा युद्ध के ख़िलाफ़ बोलने के कारण उन्हें पिछले कुछ महीनों में कई बार धमकियां मिली हैं। उन्होंने इज़रायली सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “इज़रायल द्वारा ग़ाज़ा युद्ध के विरोधियों को डराने-धमकाने की नीति क्रूर और पूरी तरह अस्वीकार्य है।”
संयुक्त राष्ट्र की इस वरिष्ठ अधिकारी का बयान ऐसे समय में आया है जब ग़ाज़ा पर इज़रायली हमले और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस पर हो रही बयानबाज़ी को लेकर वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं। ट्रंप का विवादास्पद वीडियो, जिसमें ग़ाज़ा के भविष्य को लेकर एक काल्पनिक चित्रण किया गया है, कई मानवाधिकार संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों के निशाने पर आ चुका है।
ग़ौरतलब है कि ग़ाज़ा युद्ध को लेकर दुनियाभर में बहस तेज़ हो गई है, और संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं लगातार इज़रायल की नीतियों पर सवाल उठा रही हैं।