इस युद्ध में जीत की बाज़ी ईरान के हाथ में है: अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक
अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रसिद्ध विश्लेषक जॉन मियरशाइमर का मानना है कि अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़कर एक बड़ी रणनीतिक भूल की है, जिसका खामियाज़ा अब उन्हें खुद भुगतना पड़ रहा है। यह युद्ध अब तेज़ जीत की बजाय एक लंबी और थकाऊ लड़ाई में बदल चुका है, जहाँ बढ़त ईरान के पास दिखाई दे रही है।
मियरशाइमर के अनुसार, ट्रंप और नेतन्याहू को यह गलतफहमी थी कि वे कुछ ही दिनों में ईरान को घुटनों पर ला देंगे, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट साबित हुई। ईरान ने न सिर्फ़ जवाबी कार्रवाई की, बल्कि अपनी सैन्य और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए यह दिखा दिया कि उसे इतनी आसानी से दबाया नहीं जा सकता।
वर्तमान हालात भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह युद्ध अब क्षेत्रीय और वैश्विक संकट का रूप ले चुका है—तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, कीमतें बढ़ी हैं और कई देश इस संघर्ष से दूरी बना रहे हैं। इससे साफ है कि, अमेरिका की नीति उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर रही है।
मियरशाइमर का मानना है कि अमेरिका के पास कोई स्पष्ट और ठोस रणनीति नहीं थी। जैसे ही युद्ध लंबा खिंचा, यह स्पष्ट हो गया कि ईरान के पास कई मजबूत रणनीतिक विकल्प हैं—चाहे वह क्षेत्रीय प्रभाव हो, जवाबी क्षमता हो या वैश्विक ऊर्जा मार्गों पर पकड़।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान को कमज़ोर समझना अमेरिका की सबसे बड़ी भूल रही है। मियरशाइमर पहले भी कह चुके हैं कि ईरान कोई आक्रामक देश नहीं रहा है और अक्सर उसकी सैन्य कार्रवाइयाँ जवाबी होती हैं, न कि पहल करने वाली।
कुल मिलाकर, यह संघर्ष अब उस मोड़ पर पहुँच चुका है जहाँ अमेरिका और इज़रायल की उम्मीदों के विपरीत, ईरान न सिर्फ़ टिककर खड़ा है बल्कि रणनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है।

