अमेरिका ने ईरान के तेल की बिक्री के लिए 30 दिन की छूट दी
अमेरिका ने बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान के तेल की बिक्री पर 30 दिनों की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका और इज़राइल का ईरान के साथ संघर्ष जारी है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है।
बेसेंट के अनुसार, इस छूट के तहत समुद्र में पहले से मौजूद ईरानी तेल—जिसकी मात्रा लगभग 140 मिलियन बैरल बताई जा रही है—को अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाने की अनुमति दी जाएगी। उनका कहना है कि इससे तेल की वैश्विक आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों में हो रही तेज बढ़ोतरी को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका द्वारा ईरान के तेल पर 30 दिन की अस्थायी छूट देना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यवस्था में एक अहम और अपरिहार्य शक्ति बन चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से ईरान की रणनीतिक ताकत को दर्शाता है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर ईरान का प्रभाव इतना मजबूत है कि उसके बिना वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर रखना मुश्किल हो गया है।
अमेरिका का यह कदम केवल बाजार को स्थिर करने के लिए अस्थायी राहत माना जा रहा है। इससे पहले भी अमेरिका ने इसी तरह की स्थिति में रूस के तेल पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी थी, ताकि वैश्विक आपूर्ति बनी रहे।
हालांकि, इस फैसले के राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव भी हो सकते हैं। एक तरफ यह कदम वैश्विक बाजार को राहत दे सकता है, वहीं दूसरी तरफ इससे ईरान को आर्थिक फायदा मिलने की संभावना है, जो क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

