अमेरिका की सभी आतंकी ताक़तों का अंजाम क्षेत्र से भागना है: सरदार क़ानी
ईरान के कुद्स फ़ोर्स के कमांडर सरदार इस्माइल क़ानी ने एक कड़े बयान में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि, अमेरिका की सभी “आतंकी ताक़तों” का अंत अंततः इस क्षेत्र से भागने में ही होता है।
क़ानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें विमानवाहक पोत जेराल्ड फोर्ड के कमांडर को भी हटा देना चाहिए। उनके अनुसार, अमेरिकी नौसेना की यह ताक़त भी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बनाए रखने में असफल रही।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी जहाज़ बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने की हिम्मत नहीं कर सका, क्योंकि उसे यमन के “बहादुर मुजाहिदीन” और स्थानीय जनता के प्रतिरोध का डर था। क़आनी के अनुसार, यह जहाज़ करीब दो हफ्तों तक असमंजस की स्थिति में रहा और अंततः एक “मनगढ़ंत कहानी” बनाकर लाल सागर क्षेत्र से पीछे हट गया।
इस बयान में क़ानी ने यह भी कहा कि यह घटना अमेरिका की क्षेत्रीय नीतियों की विफलता का एक और उदाहरण है और भविष्य में भी अमेरिकी सेनाओं को इसी तरह पीछे हटना पड़ेगा।
इसके अलावा, क़ानी ने अपने डिजिटल विस्तार की ओर भी इशारा किया। उनका आधिकारिक खाता “UpScrolled” नामक एक नए प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हो गया है। बताया जा रहा है कि यह प्लेटफॉर्म एक फ़िलिस्तीनी युवक द्वारा स्थापित किया गया है, जिसने गाज़ा संघर्ष के दौरान अपने परिवार के 60 सदस्यों को खोया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सूचना युद्ध (इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर) का हिस्सा हैं, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

