ईरानी उन्नत इन्फ्रारेड सिस्टम; अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराने का राज़
अमेरिकी नेटवर्क एबीसी की एक रिपोर्ट में सैन्य विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया गया है कि ईरान ने एक अत्याधुनिक और गुप्त इन्फ्रारेड (मादोन/तापीय) पहचान प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया और उसे मार गिराया।
रिपोर्ट के अनुसार, यह तकनीक पारंपरिक रडार से अलग काम करती है और दुश्मन के विमानों की गर्मी (हीट सिग्नेचर) को पहचानकर उन्हें ट्रैक करने में सक्षम होती है, जिससे स्टील्थ या कम दिखाई देने वाले विमान भी इसकी पकड़ से बच नहीं पाते।
सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की प्रणाली रात या खराब मौसम की परिस्थितियों में भी प्रभावी रहती है, क्योंकि यह दृश्य संकेतों के बजाय तापीय उत्सर्जन पर निर्भर करती है। इससे वायु रक्षा प्रणालियों की सटीकता और मारक क्षमता काफी बढ़ जाती है।
रिपोर्ट में शामिल कर्नल गीनोर ने कहा कि शुरुआती आकलन के मुताबिक, ईरान में गिराया गया F-15 लड़ाकू विमान संभवतः इसी इन्फ्रारेड ट्रैकिंग तकनीक के जरिए लक्ष्य बनाया गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर यह पुष्टि होती है, तो यह आधुनिक युद्ध में पारंपरिक रडार-आधारित रक्षा प्रणालियों के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की उन्नत तकनीक का उपयोग यह संकेत देता है कि ईरान अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को लगातार आधुनिक बना रहा है और नए तरीकों से दुश्मन के उन्नत लड़ाकू विमानों का मुकाबला करने की तैयारी कर चुका है।

