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ईरान में अब अमेरिकी और इज़रायली लड़ाकू विमानों के लिए भी आसमान सुरक्षित नहीं

ईरान में अब अमेरिकी और इज़रायली लड़ाकू विमानों के लिए भी आसमान सुरक्षित नहीं

क़तर की समाचार एजेंसी अल-जज़ीरा के अनुसार ऐसा लगता है कि ईरान ने एक नए हथियार और सिस्टम तक पहुंच बना ली है, जो इज़रायल और अमेरिका के विमानों को निशाना बनाने में सक्षम है।

यह एक नए प्रकार की प्रणाली और हथियार की बात हो रही है। हमने देखा कि ईरान ने आसमान में F-35, F-18, F-16 और F-15 जैसे लड़ाकू विमानों को मार गिराया। ये वही विमान हैं जिन्हें दुनिया की सबसे ताकतवर वायु सेनाएं इस्तेमाल करती हैं। ऐसे में अगर ईरान इन्हें निशाना बनाने की क्षमता रखता है, तो यह उसकी रक्षा शक्ति में बड़े बदलाव का संकेत है।

हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि यह हथियार क्या है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों से जो धारणा बन रही थी कि ईरान का हवाई क्षेत्र पूरी तरह खुला हुआ है, अब वह सवालों के घेरे में है और ऐसा लगता है कि ईरान अब इज़राइली और अमेरिकी विमानों को निशाना बनाने में सक्षम है।

पिछले कुछ हफ्तों में यह धारणा बन गई थी कि, ईरान का हवाई क्षेत्र बाहरी हमलों के लिए आसान हो गया है, लेकिन इस नई जानकारी ने उस सोच को चुनौती दी है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि ईरान ने अपनी हवाई सुरक्षा को और मजबूत कर लिया है और वह किसी भी संभावित हमले का जवाब देने में सक्षम है।

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान की यह क्षमता क्षेत्रीय शक्ति संतुलन (balance of power) को प्रभावित कर सकती है। यह संदेश भी जाता है कि ईरान अपने संसाधनों और तकनीकी विकास के बल पर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

अल-जज़ीरा की इस रिपोर्ट से यह संकेत मिलता है कि ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता, खासकर हवाई रक्षा (एयर डिफेंस) के क्षेत्र में, एक नई और महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। अगर यह दावे सही हैं, तो यह दिखाता है कि ईरान केवल पारंपरिक रक्षा पर निर्भर नहीं है, बल्कि लगातार आधुनिक और उन्नत तकनीकों को विकसित कर रहा है।

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