बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में विस्फोटों पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री संस्थाओं की चुप्पी
समाचार सूत्रों के अनुसार, बीती रात रणनीतिक महत्व वाले बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में भीषण विस्फोट हुए, जिनके कारण लगभग दो घंटे तक इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के दोनों ओर सभी जहाज़ों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
इन सूत्रों का कहना है कि इन विस्फोटों के वास्तविक कारणों का अब तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। इस रहस्य ने समुद्री और सुरक्षा हलकों में गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। मामले को और अधिक जटिल बनाने वाली बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बीमा संस्थाएँ और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी सूचना एजेंसियाँ इस घटना पर अर्थपूर्ण और चिंताजनक चुप्पी साधे हुए हैं।
समुद्री मामलों के वरिष्ठ विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की व्यापक चुप्पी अभूतपूर्व है और इन संस्थाओं की पेशेवर जिम्मेदारियों के विपरीत है। उनके अनुसार, इस चुप्पी ने समुद्री सुरक्षा बनाए रखने की इन संस्थाओं की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और उनकी वैश्विक साख को भी नुकसान पहुँचाया है।
विशेषज्ञ इसके पीछे दो प्रमुख कारण बताते हैं:
1. अमेरिका सरकार का इन संस्थाओं पर सीधा दबाव, ताकि ऐसी नकारात्मक खबरों के प्रसार को रोका जा सके जो वैश्विक बाज़ार में तेल की कीमतों में तेज़ उछाल का कारण बन सकती हैं।
2. इस संवेदनशील जलमार्ग में सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियंत्रण बनाए रखने में अमेरिकी सेना की विफलता।
ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को ऊर्जा आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक मार्गों में से एक माना जाता है और यह हमेशा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहता है।

