ईरान से लौट रहे शरणार्थियों की संख्या हमारी क्षमता से बाहर है: तालिबान
तालिबान के प्रवक्ता ने कहा है कि अफगानिस्तान का इस्लामी अमारत (तालिबान सरकार) ईरान से बड़ी संख्या में लौट रहे नागरिकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को आगे आकर मदद करनी चाहिए।
स्पूतनिक न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि ईरान से लौटाए जा रहे अफगान शरणार्थियों की संख्या बहुत ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि तालिबान अपनी क्षमता के अनुसार मदद करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन संसाधनों की भारी कमी है।
मुजाहिद ने कहा: “हम उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन हमें अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) की मदद की आवश्यकता है। तालिबान ने चेतावनी दी है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने त्वरित सहायता नहीं दी, तो यह स्थिति न केवल मानवीय संकट को और बढ़ाएगी, बल्कि सुरक्षा और स्थायित्व के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती है।
तालिबान प्रवक्ता ने ज़ोर देकर कहा कि “यह स्थिति अफगानिस्तान पर शरणार्थियों का भारी बोझ दर्शाती है।” उनके अनुसार, वर्तमान में तालिबान सरकार कुछ सहायता योजनाएं चला रही है, जिनमें लौटने वालों का पंजीकरण, चिकित्सा देखभाल, भोजन, अस्थायी टेंट, परिवहन और नकद सहायता शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी आयोग (UNHCR) ने भी कल कहा कि वर्ष 2025 में अब तक ईरान से एक मिलियन (10 लाख से अधिक) अफगान शरणार्थी वापस लौट चुके हैं। अफगान सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, 1 जुलाई को एक ही दिन में सबसे ज़्यादा लोग लौटे – सिर्फ एक दिन में 43,000 से अधिक शरणार्थी अफगानिस्तान पहुंचे।

