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लेबनान सरकार नहीं चाहती थी कि युद्ध-विराम का श्रेय ईरान को मिले: हिज़्बुल्लाह प्रतिनिधि

लेबनान सरकार नहीं चाहती थी कि युद्ध-विराम का श्रेय ईरान को मिले: हिज़्बुल्लाह प्रतिनिधि

हिज़्बुल्लाह से जुड़े “वफादारी टू रेजिस्टेंस” गुट के एक सदस्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान ने शुरू से ही पूरे क्षेत्र, खासकर लेबनान के लिए एक व्यापक और स्थायी युद्धविराम की मांग की थी। यह रुख इस बात को दर्शाता है कि ईरान क्षेत्र में स्थिरता और शांति स्थापित करना चाहता है।

लेकिन लेबनान के कुछ राजनीतिक तत्वों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि उन्होंने राष्ट्रीय हितों से अधिक बाहरी दबावों को प्राथमिकता दी। अब वही लोग युद्ध-विराम के लिए अलग-अलग देशों के सामने गुहार लगा रहे हैं, जो उनकी नीतिगत कमजोरी और दूरदर्शिता की कमी को दिखाता है।

हालिया रिपोर्ट्स भी बताती हैं कि ईरान लगातार लेबनान के साथ संपर्क में रहकर युद्धविराम लागू करवाने की कोशिश कर रहा है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाल हो सके ।

नेतन्याहू के भाषण के दौरान हिज़्बुल्लाह का जवाबी ड्रोन हमला

इज़रायली मीडिया के अनुसार, जैसे ही प्रधानमंत्री नेतन्याहू भाषण दे रहे थे, उसी समय हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़रायल के शहर किरयात शमोना पर ड्रोन हमला किया।

यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी था—कि जब तक इज़रायल लेबनान पर हमले जारी रखेगा, प्रतिरोध भी जारी रहेगा।

दरअसल, इज़रायल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह लेबनान को युद्धविराम में शामिल नहीं मानता और वहां अपने हमले जारी रखेगा ।

हाल के हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए और भारी तबाही हुई, जिससे यह आरोप और मजबूत होता है कि इज़रायल क्षेत्र में तनाव को खत्म करने के बजाय बढ़ा रहा है ।

इस पूरी स्थिति से तीन अहम बातें सामने आती हैं:

ईरान की भूमिका:

ईरान लगातार यह चाहता रहा है कि युद्धविराम केवल अपने तक सीमित न रहे, बल्कि लेबनान और अन्य क्षेत्रों को भी शामिल करे—यानी एक व्यापक शांति समझौता हो।

हिज़्बुल्लाह का रुख:

हिज़्बुल्लाह खुद को लेबनान की रक्षा करने वाली ताकत के रूप में पेश कर रहा है और इज़रायली हमलों के जवाब में कार्रवाई को “प्रतिरोध” बता रहा है।

इज़रायल की नीति:

इज़रायल ने युद्धविराम को सीमित दायरे में रखकर लेबनान पर हमले जारी रखे, जिससे यह धारणा बनती है कि वह सैन्य दबाव बनाए रखना चाहता है, न कि तुरंत शांति स्थापित करना।

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