ईरान के डर से अमीरात ने मंगाई नई मिसाइल-रोधी प्रणाली
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए दक्षिण कोरिया से आधुनिक वायु-रक्षा प्रणाली मंगानी शुरू कर दी है।
खबरों के अनुसार, अमीरात ने अपने कई C-17 सैन्य परिवहन विमान दक्षिण कोरिया भेजे हैं ताकि “च्योंगुंग” (M-SAM II) नामक मिसाइल-रोधी प्रणाली को जल्द से जल्द अपने देश लाया जा सके। बताया जा रहा है कि इसके लिए आठ बड़े सैन्य विमान लगाए गए हैं।
दक्षिण कोरियाई मीडिया का कहना है कि अमीरात ईरान की मिसाइल क्षमता से चिंतित और डरा हुआ है, इसी कारण वह अपनी रक्षा व्यवस्था को तेजी से मजबूत कर रहा है।
“च्योंगुंग” को अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम का कोरियाई संस्करण माना जाता है। यह दुश्मन की मिसाइलों और लड़ाकू विमानों को हवा में ही नष्ट करने के लिए बनाई गई प्रणाली है। अमीरात ने 2022 में अरबों डॉलर खर्च करके इसे खरीदने का समझौता किया था।
आलोचकों का कहना है कि क्षेत्र में तनाव कम करने और पड़ोसी देशों के साथ संवाद बढ़ाने के बजाय अमीरात लगातार हथियारों और सैन्य प्रणालियों पर भारी धन खर्च कर रहा है। उनका मानना है कि इस तरह के कदम मध्य पूर्व में हथियारों की दौड़ को और तेज कर सकते हैं तथा क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ा सकते हैं।
इस तेज़ डिलीवरी से यह संकेत मिलता है कि अमीरात संभावित सैन्य टकराव की आशंका को गंभीरता से ले रहा है और अपनी सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य तैयारी कर रहा है।

