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ग़ाज़ा का क़साई ईरान के साथ युद्ध-विराम में बाधा डालना चाहता है: एर्दोगान

ग़ाज़ा का क़साई ईरान के साथ युद्ध-विराम में बाधा डालना चाहता है: एर्दोगान

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान ने आज अपने विस्तृत और तीखे बयान में कहा कि अंकारा, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध-विराम को बढ़ाने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। उन्होंने इज़रायल और उसके प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर कड़ी आलोचना करते हुए ज़ोर दिया कि, इज़रायल को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध-विराम में रुकावट डालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

तुर्की के राष्ट्रपति ने अपने बयान के एक हिस्से में स्पेन के प्रधानमंत्री की इज़रायल-विरोधी नीतियों की सराहना की और कहा: “मैं अपने प्रिय मित्र, स्पेन के प्रधानमंत्री सांचेज़ को नेतन्याहू, ग़ाज़ा के क़साई, की धमकियों के सामने उनके मज़बूत रुख के लिए बधाई देता हूँ।”

उन्होंने कहा कि सांचेज़ ने इज़रायल के खिलाफ स्पष्ट और साहसिक रुख अपनाया है, जो अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण होना चाहिए। एर्दोगान के मुताबिक, इस तरह के अंतरराष्ट्रीय समर्थन से ही क्षेत्र में स्थिरता और शांति की उम्मीद बढ़ सकती है।

तुर्की राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ग़ाज़ा में जारी संघर्ष और मानवीय संकट ने पहले ही हालात को बेहद गंभीर बना दिया है, और ऐसे समय में किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई शांति की कोशिशों को नुकसान पहुँचाएगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह निष्पक्ष भूमिका निभाए और युद्धविराम को सफल बनाने के लिए दबाव बनाए।

एर्दोगान ने खास तौर पर नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इज़रायल की नीतियाँ क्षेत्र में शांति प्रयासों को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इज़रायल को खुली छूट दी गई, तो वह ईरान-अमेरिका युद्ध-विराम प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में हालात और बिगड़ सकते हैं।

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