सऊदी अरब और बहरीन के स्टील दिग्गज संचालन से बाहर हुए: हनज़ला
ईरानी साइबर समूह हनज़ला ने दावा किया है कि पिछले सप्ताह “प्रतिरोध धुरी” की स्टील फैक्ट्रियों पर हुए संगठित हमलों के जवाब में एक बड़े और अभूतपूर्व साइबर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन में बहरीन और सऊदी अरब में स्थित दो प्रमुख स्टील कंपनियाँ—فولات (फोलात) और SULB—को पूरी तरह हैक कर उनकी गतिविधियाँ ठप कर दी गईं।
इन दोनों कंपनियों का सालाना कारोबार 5 अरब डॉलर से अधिक बताया गया है, उनकी वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 20 लाख टन स्टील है, और इनमें 2000 से अधिक विशेषज्ञ कर्मचारी कार्यरत हैं। इन्हें खाड़ी क्षेत्र की आर्थिक और औद्योगिक संरचना की रीढ़ माना जाता है।
समूह के अनुसार, यह साइबर हमला “रमज़ान युद्ध” में मारे गए उनके हैकरों का बदला है, साथ ही दक्षिण लेबनान के लोगों के खिलाफ हालिया घटनाओं का जवाब भी है।
उन्होंने क्षेत्र के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि यह हमला केवल शुरुआत है और बदले की एक बड़ी लहर का संकेत है। समूह ने दावा किया कि “हनज़ला का हाथ अभी भी ट्रिगर पर है” और किसी भी “विश्वासघात” को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा, साथ ही “झूठी सुरक्षा का दौर खत्म हो चुका है।
ईरानी दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस तरह की कार्रवाई को “असममित युद्ध” (Asymmetric Warfare) की रणनीति का हिस्सा माना जाता है। जब पारंपरिक सैन्य ताकतों में असमानता होती है, तो तकनीकी और साइबर क्षमताओं के जरिए जवाब देना एक प्रभावी तरीका बन जाता है। ईरान लंबे समय से साइबर क्षमताओं को विकसित करता रहा है और इस क्षेत्र में उसे एक मजबूत खिलाड़ी माना जाता है।

