अबू धाबी में इस्राईली राजदूत का बयान: यूएई ने 6 वर्षों से हमारा समर्थन किया
दो दिन पहले “फ्लाईदुबई” की एक विमान उड़ान को नियंत्रित करने की कोशिश की घटना के बाद, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में इस्राईल के राजदूत ने अबू धाबी और तेल अवीव के बीच उड़ानें बंद नहीं करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यूएई ने पिछले 6 वर्षों के दौरान इस्राईल का समर्थन किया है।
समाचार एजेंसी इमना के अनुसार, यूएई में इस्राईली के राजदूत योसी शेली ने अबू धाबी और तेल अवीव के बीच उड़ानें जारी रखने की मांग की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूएई ने पिछले 6 वर्षों से इस्राईल का समर्थन किया है।
शेली ने हिब्रू भाषा के टीवी चैनल “कान” से बातचीत में कहा:
“यूएई के लोगों ने 6 वर्षों तक हमारा समर्थन किया। उस समय, जब कोई भी यात्रा करने के लिए तैयार नहीं था और इस्राईल पूरी तरह बंद था, उन्होंने अपनी सभी सुविधाएं हमारे लिए उपलब्ध कराईं। इसलिए केवल एक घटना के कारण इस हवाई मार्ग को बंद नहीं किया जाना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा:
“हमें उड़ानों को जारी रखने के लिए कोई समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी विमानन कंपनियां भी इस मार्ग पर उड़ानें संचालित कर सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि “इस समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा।”
इस्राईली राजदूत ने उस घटना की परिस्थितियों के बारे में बात करते हुए कहा:
“इस घटना का परिणाम बहुत भयावह था और यह इससे कहीं अधिक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। उन्होंने आगे कहा कि, इस बात की जांच की जानी चाहिए कि एक नागरिक विमान के पायलट को ऐसी स्थिति में कैसे और किन परिस्थितियों में डाल दिया गया।
इस्राईली राजदूत के बयान से उठते अहम सवाल
इस्राईली राजदूत का यह बयान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यूएई ने पिछले छह वर्षों के दौरान इस्राईल का समर्थन किया और उस समय भी इस्राईल को अपनी सुविधाएं उपलब्ध कराईं, जब इस्राईल पूरी तरह बंद था। यूएई और इस्राईल ने वर्ष 2020 में अब्राहम समझौते के तहत राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और उसके बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग जारी रहा।
इस बयान को ग़ाज़ा युद्ध के संदर्भ में देखें तो इससे यह सवाल उठता है कि, ग़ाज़ा में युद्ध और भारी मानवीय तबाही के दौर में भी यूएई और इस्राईल के बीच संबंध और सहयोग किस स्तर तक जारी रहे। इस्राईली राजदूत के बयान के आधार पर यह निष्कर्ष भी निकलता है कि, यूएई ने इस अवधि में भी इस्राईल का समर्थन किया।
हालांकि, यूएई सरकार ने दूसरी ओर ग़ाज़ा में युद्ध-विराम, मानवीय सहायता और नागरिकों की सुरक्षा की मांग करते हुए इस्राईल की सैन्य कार्रवाई और रफ़ाह में अभियान को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता और आलोचना भी व्यक्त की थी। इसलिए राजदूत का ताज़ा बयान दोनों देशों के बीच जारी संबंधों और सहयोग की एक अहम तस्वीर पेश करता है।

