ईरान के ख़ुफ़िया मंत्रालय का बयान: दुश्मन सैन्य युद्ध में नाकामी के बाद अब मिश्रित युद्ध को तेज कर रहा है
ईरान के खुफिया मंत्रालय ने अपने ताज़ा बयान में कहा है कि दुश्मन सैन्य मोर्चे पर लगातार असफलताओं के बाद अब “मिश्रित युद्ध” यानी हाइब्रिड वॉर के ज़रिये ईरान को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।
मंत्रालय के अनुसार इस्लामी क्रांति के बाद से अमेरिका, United States ब्रिटेन, Israel और उनके सहयोगी देशों ने ईरान के खिलाफ कई युद्धों, तख्तापलट की साज़िशों और सुरक्षा अभियानों की योजना बनाई, लेकिन ईरानी जनता और सुरक्षा संस्थाओं की मजबूती के कारण वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके।
बयान में कहा गया कि दुश्मन अब सीधे सैन्य टकराव के बजाय आर्थिक दबाव, साइबर हमलों, मीडिया प्रचार, सांप्रदायिक और जातीय मतभेद फैलाने, सोशल मीडिया अभियानों और आतंकी गतिविधियों के जरिए देश के अंदर अशांति पैदा करना चाहता है। ईरानी ख़ुफ़िया मंत्रालय का दावा है कि हाल के वर्षों में उसने कई विदेशी जासूसी नेटवर्क, हथियार तस्करी गिरोह और तोड़फोड़ की साज़िशों को नाकाम बनाया है।
ईरान ने यह भी कहा कि रहबर, वरिष्ठ कमांडरों और अधिकारियों की शहादत के बावजूद देश की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर नहीं हुई, बल्कि और अधिक संगठित होकर सामने आई है। मंत्रालय के अनुसार ईरानी सुरक्षा बलों ने ज़ायोनी शासन के कई गुप्त नेटवर्कों को बड़ा नुकसान पहुँचाया और दुश्मन की योजनाओं को विफल किया।
बयान में जनता से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा गया कि दुश्मन का सबसे बड़ा लक्ष्य ईरान के भीतर अविश्वास और अराजकता फैलाना है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि जासूसी, विदेशी मीडिया से सहयोग, अलगाववादी गतिविधियों और दंगा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

