ईरान के नए सुप्रीम लीडर का चयन, अमेरिका और इज़रायल के लिए बड़ा झटका है: अंसारुल्लाह
यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के नेताअब्दुल मलिक-अल-हूती ने ईरान के सुप्रीम लीडर के चयन पर कहा कि, इस असाधारण परिस्थितियों में इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का हासिल होना और यह सफल चयन, इस्लामी क्रांति और इस्लामी व्यवस्था की नींव को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अत्याचारियों, खासकर अमेरिका और इज़रायल के लिए एक बड़ा झटका है और उनके लिए गहरी निराशा का कारण बनेगी।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मुस्लिम ईरानी जनता और उनके सभी सहयोगियों के लिए उनके नेता सैयद अली ख़ामेनेई की शहादत के बड़े घाव पर मरहम के समान है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हम ईरान के इस्लामी गणराज्य और ईरान की मुस्लिम जनता के साथ अमेरिकी-इज़रायली आक्रामकता और अत्याचार के खिलाफ अपनी एकजुटता और समर्थन की पुष्टि करते हैं।उनके अनुसार अमेरिकी-इज़रायली अत्याचार का उद्देश्य “मध्य-पूर्व को बदलने” की तथाकथित योजना और “ग्रेटर इज़रायल” की अवधारणा को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि इस्लामी गणराज्य की दृढ़ता और अत्याचार के खिलाफ प्रभावी प्रतिरोध का परिणाम अंततः जीत ही होगा।
उन्होंने कहा कि इस जीत के संकेत दुश्मनों के उद्देश्यों की विफलता, उन पर पड़े नुकसान और दबाव, तथा ईरान की मुस्लिम जनता की दृढ़ता और इस्लामी व्यवस्था के प्रति उनकी निष्ठा में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। इस जीत के संकेत इस्लामी क्रांति के तीसरे नेता के सफल चयन और इस्लामी व्यवस्था में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका के नियमित और पूर्ण रूप से जारी रहने में भी दिखाई देते हैं।
अंत में उन्होंने दुआ की कि अल्लाह तआला नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई को सफलता दे, उनकी रक्षा करे और अपनी मदद से ईरान की मुस्लिम जनता तथा इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और बहादुर सेना के मुजाहिदीन की सहायता करे।

