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खुफिया मंत्री इस्माइल ख़तीब की शहादत का बदला, ईरानी सेना ने इज़रायल के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय को बनाया निशाना

खुफिया मंत्री इस्माइल ख़तीब की शहादत का बदला, ईरानी सेना ने इज़रायल के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय को बनाया निशाना

ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने अपने 35वें बयान में घोषणा की: आज तड़के, नौसैनिक जहाज़ देना (Dena) के बहादुर जवानों और खुफिया मंत्री शहीद इस्माइल ख़तीब के खून का बदला लेते हुए, सेना के ड्रोन हमलों में ज़ायोनी दुश्मन के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय (जो कब्ज़े वाले यरुशलम में स्थित है), तेल अवीव में स्थित चैनल 13 टीवी नेटवर्क, और अरअर (Ar’ar) सैन्य छावनी में ज़मीनी बलों की इमारतों व सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

इस बयान के अनुसार, ज़ायोनी शासन का आंतरिक/राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय संकट प्रबंधन का मुख्य केंद्र है। वहीं चैनल 13 इस क़ब्ज़ा करने वाले शासन का एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक और समाचार नेटवर्क है, जिसे हमारे देश और प्रतिरोध मोर्चे की सफलताओं को दबाने तथा मनोवैज्ञानिक युद्ध चलाने के प्रमुख साधनों में से एक माना जाता है।

अरअर का सैन्य अड्डा, अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण—जो लेबनान और सीरिया की सीमाओं के पास है—दुश्मन की ज़मीनी सेना की मुख्य चौकियों में से एक माना जाता है।

सेना ने बताया कि इस ऑपरेशन में पहली बार नए प्रकार के उन्नत आत्मघाती (विस्फोटक) ड्रोन के समूह का इस्तेमाल किया गया। यह तकनीकी प्रगति न केवल सैन्य ताकत का प्रदर्शन है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रतिरोधी ताकतें लगातार आधुनिक युद्ध के स्तर पर खुद को मजबूत कर रही हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक और रणनीतिक संदेश भी है—कि अब क्षेत्र में एकतरफा दबदबा कायम रखना आसान नहीं रहा। ईरान और उसके सहयोगी प्रतिरोध मोर्चे ने यह दिखा दिया है कि वे न केवल जवाब देने में सक्षम हैं, बल्कि दुश्मन के सबसे संवेदनशील ठिकानों तक पहुँच सकते हैं।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय समीकरणों में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है, जहाँ अब ज़ायोनी शासन को अपने हर कदम पर गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

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