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इज़रायल में मीडिया सेंसरशिप और सूचना नियंत्रण पर उठते सवाल

इज़रायल में मीडिया सेंसरशिप और सूचना नियंत्रण पर उठते सवाल

मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इज़रायल में मीडिया सेंसरशिप और सूचना नियंत्रण को लेकर फिर से चर्चा तेज़ हो गई है। क़तर स्थित अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल Al Jazeera की एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध या आपात सुरक्षा स्थिति के दौरान इज़राइल में समाचारों, तस्वीरों और वीडियो के प्रकाशन पर कड़ा नियंत्रण लागू किया जाता है।

सैन्य सेंसर की मंजूरी अनिवार्य

रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइल में लंबे समय से सैन्य सेंसरशिप से जुड़ा कानून लागू है। इसके तहत युद्ध, सैन्य अभियानों या मिसाइल हमलों से जुड़ी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले सैन्य सेंसर की अनुमति लेना आवश्यक होता है।

इस व्यवस्था के कारण:

कई बार हमलों से हुए वास्तविक नुकसान की तस्वीरें या वीडियो सार्वजनिक नहीं किए जाते।

संवेदनशील सैन्य ठिकानों या सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को रोक दिया जाता है।

पत्रकारों को कई मामलों में अपनी रिपोर्ट के साथ यह उल्लेख करना पड़ता है कि सामग्री “सैन्य सेंसर द्वारा स्वीकृत” है।

आलोचकों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था के कारण जनता तक पहुँचने वाली जानकारी सीमित हो जाती है और युद्ध की वास्तविक स्थिति पूरी तरह सामने नहीं आ पाती।

हमलों के नुकसान और हताहतों की जानकारी पर बहस

कुछ क्षेत्रीय मीडिया और विश्लेषकों का दावा है कि इज़राइल पर होने वाले हमलों के बाद वास्तविक नुकसान और हताहतों की संख्या हमेशा पूरी तरह सार्वजनिक नहीं की जाती। उनका आरोप है कि सुरक्षा कारणों का हवाला देकर कई बार इन आंकड़ों को सीमित रूप में जारी किया जाता है।

हालाँकि इज़रायली अधिकारियों का कहना है कि ऐसी सेंसरशिप का उद्देश्य दुश्मन को संवेदनशील जानकारी मिलने से रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखना है।

ईरान की स्थिति के साथ तुलना

इन रिपोर्टों में Iran की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, बमबारी और सैन्य तनाव के बावजूद कई ईरानी शहरों में लोग सामान्य रूप से सड़कों पर दिखाई देते हैं और सार्वजनिक जीवन चलता रहता है।

विश्लेषकों का कहना है कि इससे यह संदेश देने की कोशिश होती है कि देश की जनता दबाव के बावजूद सामान्य जीवन बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

व्यापक क्षेत्रीय तनाव

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव को इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। क्षेत्र में ईरान और उससे जुड़े संगठनों के साथ बढ़ती टकराव की स्थिति के कारण:

1_ सीमावर्ती इलाकों में मिसाइल और रॉकेट हमलों की घटनाएँ बढ़ जाती हैं

2_ अलग-अलग पक्ष अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हैं

3_ मीडिया और सूचना नियंत्रण भी रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल होता है

विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक संघर्ष केवल सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि सूचना युद्ध (Information Warfare) से भी लड़े जाते हैं, जिसमें मीडिया नैरेटिव, प्रचार और सेंसरशिप महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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