फ़िलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए विभिन्न देशों में प्रदर्शन
ग़ाज़ा में थोपे गए युद्ध के ख़िलाफ़ दुनिया के विभिन्न देशों में विरोध-प्रदर्शन किए गए। प्रदर्शनकारियों ने फ़िलिस्तीनियों के साथ एकजुटता व्यक्त की और युद्ध समाप्त करने की मांग की। दक्षिण अफ़्रीका के शहर केप टाउन में हज़ारों लोगों ने फ़िलिस्तीन के समर्थन में मार्च निकाला। प्रदर्शन में पूर्व ब्रिटिश सांसद और राजनेता जॉर्ज गैलोवे ने भी भाग लिया और फ़िलिस्तीनियों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
जेनेवा और उत्तर कोरिया में भी प्रदर्शनकारियों ने ग़ाज़ा में फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ जारी सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने की मांग की। वहीं, मध्य लंदन में हुए प्रदर्शन के दौरान ग़ाज़ा और वेस्ट बैंक की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भी फ़िलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने ग़ाज़ा में जारी युद्ध और फ़िलिस्तीनियों की स्थिति के ख़िलाफ़ विरोध जताया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की खबरें भी सामने आईं।
ग़ौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 से ग़ाज़ा में फ़िलिस्तीनी बच्चों के ख़िलाफ़ जारी इस्राईली अत्याचार, क्रूर हमले और सैन्य कार्रवाई को लेकर ‘हमाया’ सेंटर फ़ॉर ह्यूमन राइट्स ने एक बेहद भयावह रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि जारी युद्ध के दौरान सबसे अधिक जनहानि झेलने वालों में बच्चे सबसे आगे रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप हज़ारों बच्चे मारे गए और घायल हुए, जबकि लाखों बच्चे अपने बुनियादी अधिकारों से वंचित हो गए।
सेंटर ने शनिवार को ‘नरसंहार’ शीर्षक से प्रकाशित एक तथ्य-पत्र में कहा कि, ग़ाज़ा में काम करने वाले उसके कर्मचारियों ने युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 18 वर्ष से कम उम्र के 21,745 बच्चों की मौत की निगरानी और दस्तावेज़ीकरण किया है। इसके अलावा, बच्चों के बीच लगभग 46,000 घायल होने के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें अंग कटने के 11,000 मामले भी शामिल हैं। ये उल्लंघन केवल बच्चों की हत्या और उन्हें घायल करने तक सीमित नहीं रहे।

