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इज़रायल में नेतन्याहू सरकार के ख़िलाफ़ कई शहरों में प्रदर्शन

इज़रायल में नेतन्याहू सरकार के ख़िलाफ़ कई शहरों में प्रदर्शन

शनिवार शाम को तेल अवीव, हाइफ़ा, यरुशलम और बेएर शेवा सहित कब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन के विभिन्न शहरों में हजारों लोग नेतन्याहू सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी नेतन्याहू सरकार के प्रदर्शन के ख़िलाफ़ विरोध जता रहे थे और एक “राज्य स्तरीय जांच आयोग” के गठन की मांग कर रहे थे।

अख़बार हारेत्ज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने उन राजनीतिक और सुरक्षा फैसलों की आधिकारिक जांच की मांग की, जिनके कारण 7 अक्टूबर 2023 का अभियान हुआ। इस अभियान को इज़रायल के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा विफलताओं में से एक माना जाता है।

ये विरोध प्रदर्शन नेतन्याहू द्वारा जारी किए गए एक दस्तावेज़ के बाद शुरू हुए, जिसमें वर्ष 2014 से लेकर 7 अक्टूबर 2023 की सुबह तक की सुरक्षा कैबिनेट बैठकों की कार्यवाही के कुछ हिस्से शामिल हैं।

यह समयावधि 2014 में ग़ाज़ा के खिलाफ इज़रायली सेना के “ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज” से शुरू होती है और हमास द्वारा किए गए अभियान तक जाती है। आलोचकों का कहना है कि ये दस्तावेज़ चयनात्मक हैं और निर्णय प्रक्रिया की पूरी तस्वीर पेश नहीं करते। मुख्य प्रदर्शन तेल अवीव के केंद्र में स्थित “हबीमा स्क्वायर” में हुआ, जहां हजारों लोगों ने सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाए।

इज़रायली राजनीतिक ढांचे में राज्य स्तरीय जांच आयोग को आधिकारिक जांच का सर्वोच्च स्तर माना जाता है। यह आयोग स्वतंत्र रूप से और न्यायिक अधिकारों के साथ गठित किया जाता है तथा राजनीतिक और संस्थागत अधिकारियों की जिम्मेदारी की जांच कर सकता है। इससे पहले भी 1973 के योम किप्पुर युद्ध जैसी बड़ी सुरक्षा विफलताओं के बाद ऐसे आयोग बनाए जा चुके हैं।

7 अक्टूबर 2023 का अभियान वह कार्रवाई थी, जिसमें फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध बलों ने ग़ाज़ा पट्टी से कब्ज़े वाले इलाक़ों में प्रवेश किया। इस अभियान ने कब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में एक अभूतपूर्व राजनीतिक और सुरक्षा संकट को जन्म दिया और इज़रायली सरकार तथा सुरक्षा संस्थानों के खिलाफ आलोचनाओं की लहर पैदा कर दी।

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