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इस्राईल में आंतरिक हिंसा को लेकर राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग की चेतावनी, पूर्व प्रधानमंत्री इसहाक राबिन की हत्या का किया उल्लेख

इस्राईल में आंतरिक हिंसा को लेकर राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग की चेतावनी, पूर्व प्रधानमंत्री इसहाक राबिन की हत्या का किया उल्लेख

इस्राईल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने बुधवार को चुनाव परिणामों को स्वीकार करते हुए देश में पहले हो चुकी आंतरिक हिंसा के इतिहास को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने इस दौरान इस्राईल के पूर्व प्रधानमंत्री इसहाक़ राबिन की हत्या की घटना का भी उल्लेख किया।

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अंतरराष्ट्रीय समूह के अनुसार, हर्ज़ोग ने चुनाव के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं से आपसी समझौते और सहयोग की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने इस्राईली नेताओं द्वारा अरब नागरिकों और उनकी राजनीतिक पार्टियों के ख़िलाफ़ की जाने वाली नस्लवादी टिप्पणियों तथा हमलों की निंदा की।

समाचार पत्र ‘द टाइम्स ऑफ इस्राईल’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राईल के केंद्रीय चुनाव आयोग के प्रमुख से वर्ष 2026 के चुनाव परिणाम प्राप्त करने के बाद राष्ट्रपति इसहाक़ हर्ज़ोग ने कहा:

“मैं इसके माध्यम से नेसेट (इस्राईली संसद) के 26वें चुनाव के आधिकारिक परिणामों को उसी रूप में स्वीकार करता हूं, जिस रूप में आपने उनकी घोषणा की है। मैं इन परिणामों को स्वीकार करता हूं और क़ानून के अनुसार उनकी वैधता की पुष्टि करता हूं।”

इस तरह इसहाक हर्ज़ोग ने अप्रत्यक्ष रूप से इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके गठबंधन के दावों को ख़ारिज़ कर दिया। दरअसल, नेतन्याहू और उनके सहयोगियों ने विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए थे और व्यापक जांच की मांग की थी।

हालांकि, हर्ज़ोग ने चुनाव परिणाम स्वीकार करते हुए कहा कि, विदेशी हस्तक्षेप की किसी भी आशंका की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुलिस और इस्राईल की खुफिया एजेंसी ‘शिन बेट’ द्वारा की जाएगी।

इस्राईल के राष्ट्रपति ने अरब नागरिकों के ख़िलाफ़ राजनीतिक नेताओं द्वारा नस्लवादी भाषा के इस्तेमाल की भी निंदा की। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में नेतन्याहू या उनके सहयोगियों का नाम नहीं लिया।

हर्ज़ोग ने घोषणा की कि वह बुधवार से राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू करेंगे, ताकि किसी एक सांसद को नई सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा जा सके।

इस्राईल के आंतरिक कानूनों के अनुसार, चुनाव में मतगणना पूरी होने के बाद राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से परामर्श करेंगे। इस दौरान उनसे पूछा जाएगा कि वे किस नेता को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। इसके बाद राष्ट्रपति उस उम्मीदवार का चयन करेंगे, जिसके पास सरकार बनाने की सबसे बेहतर संभावना होगी।

राष्ट्रपति द्वारा चुने गए उम्मीदवार को सरकार बनाने के लिए 42 दिनों का समय दिया जाएगा। यदि वह इस अवधि में सरकार बनाने में सफल नहीं होता है, तो किसी अन्य उम्मीदवार को भी सरकार बनाने का अवसर दिया जा सकता है। यदि निर्धारित अवधि में कोई भी सरकार बनाने में सफल नहीं होता, तो नए चुनाव कराए जाएंगे। इस दौरान मौजूदा सरकार कार्यवाहक सरकार के रूप में काम करती रहेगी।

इसहाक़ राबिन की हत्या की बरसी पर हिंसा को लेकर चेतावनी

राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने अपने बुधवार के भाषण में इस्राईल में अतीत में हुई आंतरिक हिंसा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए गंभीर चेतावनी दी।बुधवार, 4 नवंबर को इस्राईल के पूर्व प्रधानमंत्री इसहाक राबिन की हत्या की बरसी है।

इस अवसर पर हर्ज़ोग ने कहा:

“यह तारीख हमेशा एक दर्दनाक स्मृति के रूप में हमारे सामने रहेगी। यह इस बात की चेतावनी है कि, जब मतभेद नफरत में और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा हिंसा में बदल जाती है, तो हमारे साथ क्या हो सकता है।”

हर्ज़ोग ने जोर देकर कहा कि चुनाव समाप्त हो चुके हैं और अब वास्तविक परिस्थितियों का सामना करने का समय है। उन्होंने याद दिलाया कि, इस चुनाव में कोई भी गठबंधन स्पष्ट विजेता बनकर सामने नहीं आया है। साथ ही उन्होंने दोबारा चुनाव कराने की नौबत से बचने की अपील की।

किसी भी गठबंधन को नहीं मिला संसद में बहुमत

इस्राईल में चुनाव ऐसे समय में संपन्न हुए हैं, जब कोई भी गठबंधन संसद में बहुमत हासिल करने में सफल नहीं हो सका। ऐसे में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता गादी आइज़ेनकोट के सामने नई सरकार बनाने के लिए कठिन चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

चुनाव परिणामों के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं, जबकि गादी आइज़ेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें हासिल हुई हैं। वहीं, अरब राजनीतिक दलों ने कुल 19 सीटों पर जीत दर्ज की है।

इस प्रकार, संसद में किसी भी गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है और नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है।

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