बिना हमारी अनुमति के होरमुज़ जलडमरूमध्य से कोई जहाज़ नहीं गुज़रेगा: ईरानी अधिकारी
क़तर के समाचार चैनल “अल-जज़ीरा” ने सोमवार शाम एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया कि, ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण और कड़ा कर दिया है। अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, इस बेहद अहम समुद्री मार्ग से किसी भी तरह की आवाजाही अब ईरान की अनुमति के बिना संभव नहीं होगी।
अधिकारी के अनुसार, अब तक किसी भी “विरोधी देशों” के लिए माल लेकर जाने वाले जहाज़ को इस रास्ते से गुजरने की इजाज़त नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरानी नौसेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) इस क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहे हैं और हर गतिविधि पर क़रीबी नज़र रखी जा रही है।
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव तेजी से बढ़ रहा है। हाल के दिनों में समुद्री सुरक्षा, तेल टैंकरों की आवाजाही और संभावित हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई है। ईरान का यह क़दम उसी तनावपूर्ण माहौल में एक मजबूत रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
होरमुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20% इसी रास्ते से होकर गुज़रता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों, व्यापार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान वास्तव में इस नियंत्रण को लंबे समय तक बनाए रखता है, तो इससे न केवल क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा बल्कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ टकराव की संभावना भी तेज हो सकती है। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में अस्थिरता और तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि होरमुज़ जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की बाधा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

