गाज़ा में तीन हफ्तों से कोई नई मदद नहीं पहुंची, भुखमरी का ख़तरा
इज़रायल ने गाज़ा में नरसंहार फिर से शुरू किया, हर दिन 100 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए। इज़रायल ने 18 मार्च को संघर्ष-विराम तोड़ने के बाद परिवारों, पत्रकारों और सरकारी कर्मचारियों को जानबूझकर निशाना बनाया
यूरो-मेड ह्यूमन राइट्स मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइल ने गाज़ा पर फिर से हमला शुरू करने के बाद हर दिन औसतन 103 फिलिस्तीनियों को मार डाला और 223 को घायल कर दिया। 18 मार्च को इज़रायल ने जनवरी में हुआ संघर्ष-विराम तोड़ दिया। तब से, 830 फिलिस्तीनी मारे गए और 1,787 घायल हुए। ये मौतें हवाई हमलों, तोपों से गोलीबारी, टैंकों और ड्रोन हमलों की वजह से हुईं।
पूरा परिवार मारा गया
इज़रायल के हमलों में परिवारों के घरों को भी निशाना बनाया जा रहा है। 26 मार्च को उत्तरी गाज़ा के जबालिया में अल-नज्जार परिवार का घर बमबारी में तबाह हो गया, जिसमें 8 लोग मारे गए, जिनमें 5 बच्चे थे। इज़रायली सेना ने टेंटों पर भी हमला किया, जहां बेघर लोग रह रहे थे।
यूरो-मेड मॉनिटर ने कहा, “इज़राइल फिलिस्तीनियों को मारकर और तबाही मचाकर उनकी ज़िंदगी असंभव बनाने की कोशिश कर रहा है।”
पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया
इज़रायली हमलों में पत्रकार भी मारे जा रहे हैं। 24 मार्च को अल-जज़ीरा के पत्रकार हुस्साम शबत को गाज़ा के उत्तरी इलाके में उनकी कार पर हमला कर मार दिया गया। उसी दिन, फिलिस्तीन टुडे टीवी के पत्रकार मुहम्मद मंसूर भी अपने घर पर हवाई हमले में मारे गए। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
सरकारी कर्मचारियों की हत्या
इज़रायली सेना सरकारी कर्मचारियों को भी मार रही है। 23 मार्च को खान युनिस शिक्षा विभाग के अधिकारी जिहाद अल-अघा अपने घर पर बमबारी में मारे गए। उनकी पत्नी, बेटा और तीन बेटियां भी मारी गईं। 24 मार्च को शिक्षा विभाग के निदेशक मनार अबू खातेर और उनके दो बेटे भी इज़राइली हमले में मारे गए।
रफाह में नरसंहार जारी
23 मार्च से इज़राइली सेना ने पश्चिमी रफाह पर कब्जा कर लिया। यूरो-मेड मॉनिटर ने कहा, “इज़राइली सैनिक भागने की कोशिश कर रहे नागरिकों को गोली मार रहे हैं।” 50,000 लोग अभी भी रफाह में फंसे हुए हैं, और इज़राइली हमले जारी हैं।
बचाव दल का अपहरण
इज़रायली सेना ने 15 एंबुलेंस और बचाव कर्मचारियों को अगवा कर लिया, और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी।यूरो-मेड मॉनिटर ने कहा, “संभव है कि उन्हें मार दिया गया हो या यातना दी गई हो।”
गाज़ा में भुखमरी का खतरा
गाज़ा में 2.3 मिलियन लोग इज़रायली हमलों और नाकाबंदी की वजह से भूख और दवाई की कमी से जूझ रहे हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने कहा कि गाज़ा में खाना बहुत कम बचा है और पिछले तीन हफ्तों से कोई नई मदद नहीं पहुंची। अगर जल्द ही मदद नहीं पहुंची, तो अगले दो हफ्तों में भोजन खत्म हो जाएगा।
इज़रायली हमले ने न सिर्फ लोगों की जान खतरे में डाल दी, बल्कि खाने-पीने की चीजों की सप्लाई भी रोक दी। गाज़ा में लाखों लोगों की ज़िंदगी दांव पर लगी है, और पूरी दुनिया के सामने एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है