नेतन्याहू इज़रायल के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी को जन्म दे रहे हैं: हिब्रू मीडिया
हिब्रू अख़बार Maariv ने कहा है कि, बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) जो कब्ज़ाधारी शासन के प्रधानमंत्री हैं, ऐसी सबसे बड़ी त्रासदी को जन्म दे रहे हैं जिसका सामना अब तक इज़रायल ने नहीं किया था। अख़बार के अनुसार, उनकी नीतियों ने समाज के भीतर वैचारिक टकराव, राजनीतिक ध्रुवीकरण और आपसी अविश्वास को इस हद तक बढ़ा दिया है कि शासन व्यवस्था की बुनियाद तक प्रभावित होती दिखाई दे रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी, केंद्रीय और गंभीर त्रासदी वह गहरी दरार और दोफाड़ है, जिसने तथाकथित “इज़रायली समाज” को अंदर से विभाजित कर दिया है। अख़बार ने चेतावनी दी कि, यही आंतरिक विघटन उस व्यवस्था के पतन का कारण बन सकता है, जिसे “तीसरा मंदिर” (हेकल-ए-सेवोम) की अवधारणा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया कि जहां एक ओर बाहरी मोर्चों पर तनाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर देश के भीतर जनता का एक बड़ा वर्ग सरकार की नीतियों, न्यायिक हस्तक्षेपों और लगातार बढ़ते राजनीतिक विवादों से असंतुष्ट है। इससे सामाजिक एकता कमजोर हुई है और इज़रायल के भीतर गहरी दरारें उभरकर सामने आई हैं।
Maariv ने चेतावनी दी कि, यदि यही स्थिति बनी रही, तो आंतरिक विभाजन और नेतृत्व संकट भविष्य में और गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, आज जो राजनीतिक उथल-पुथल, सामाजिक तनाव और अव्यवस्था दिखाई दे रही है, उसके केंद्र में नेतन्याहू की नीतियां और उनका सत्ता संचालन है, जिसने इज़रायल के भीतर अस्थिरता और मतभेदों को और अधिक गहरा कर दिया है।

