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अमेरिका की हरी झंडी के बिना नेतन्याहू बेरूत पर हमले का मूर्खतापूर्ण कदम नहीं उठा सकता: यमन

अमेरिका की हरी झंडी के बिना नेतन्याहू बेरूत पर हमले का मूर्खतापूर्ण कदम नहीं उठा सकता: यमन

यमन के विदेश मंत्रालय ने आज शनिवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगर (दाहिया) पर इज़रायली हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह आक्रमण एक बार फिर साबित करता है कि इज़रायल क्षेत्र और विश्व की शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए वास्तविक खतरा है।

सना ने अपने बयान में कहा कि जिस समय इज़रायल सभी मोर्चों, विशेष रूप से लेबनान, पर हमले रोकने संबंधी एक समझौते की बात कर रहा है, उसी समय उसने बेरूत को निशाना बनाकर यह दिखा दिया है कि वह ग़ाज़ा में युद्ध-विराम समझौते के बाद से अपनाई गई अपनी अनियंत्रित आक्रामक नीति को थोपना चाहता है।

यमन की राजधानी सना स्थित सरकार ने जोर देकर कहा कि इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू अमेरिका की मंजूरी या हरी झंडी के बिना ऐसी कोई भी दुस्साहसिक कार्रवाई नहीं कर सकते। बयान में कहा गया कि हाल के समय में इज़रायल की सैन्य उकसावे की नीति केवल लेबनान तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसका दायरा गाज़ा, पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) और सीरिया तक फैल चुका है।

यमन ने चेतावनी दी कि इज़रायल की लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाइयाँ पूरे क्षेत्र को और अधिक अस्थिर बना रही हैं तथा इससे व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ रहा है।

मैंने ईरान से अनुरोध किया कि वह बेरूत पर इज़रायली हमले का जवाब न दे: ट्रंप

फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा: “मैंने ईरान से अनुरोध किया कि वह बेरूत पर इज़रायल के हमले के जवाब में कोई मिसाइल हमला न करे।” उन्होंने कहा: “मैंने नेतन्याहू से कहा कि वह लेबनान पर कोई और हमला न करे, क्योंकि इससे ईरान के साथ होने वाला समझौता खतरे में पड़ सकता है।”

ट्ंप ने दावा किया कि “ईरान के साथ समझौते पर अगले दो-तीन घंटों में हस्ताक्षर हो जाएंगे।”

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