नेतन्याहू ने “रॉन अराद” का शव ढूँढने के ऑपरेशन की विफलता स्वीकार की
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने स्वीकार किया है कि लेबनान में लापता इज़राइली पायलट Ron Arad के अवशेष खोजने के लिए चलाया गया विशेष सैन्य अभियान सफल नहीं हो सका।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीती रात इज़राइली सेना के कुछ विशेष बल हेलीकॉप्टरों के माध्यम से लेबनान के अंदर उतरे। इस हेलिबोर्न (हेलीकॉप्टर से उतारकर किए जाने वाले) ऑपरेशन का उद्देश्य 1980 के दशक में लापता हुए पायलट रॉन अराद के शव या उससे जुड़ी जानकारी हासिल करना था।
बताया गया कि जैसे ही इज़राइली सैनिक लेबनान के अंदर पहुँचे, वहाँ मौजूद Hezbollah के लड़ाकों ने उनका कड़ा प्रतिरोध किया। प्रतिरोधी बलों के साथ मुठभेड़ के बाद इज़राइली सैनिकों को अपना मिशन अधूरा छोड़कर वापस लौटना पड़ा।
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बयान देते हुए कहा कि इज़राइल ने एक विशेष गुप्त अभियान चलाया था, लेकिन वह अपने लक्ष्य—रॉन अराद को ढूँढकर वापस लाने—में सफल नहीं हो सका।
रॉन अराद इज़राइल के एक सैन्य पायलट थे जो वर्ष 1986 में लेबनान के ऊपर एक मिशन के दौरान लापता हो गए थे। तब से इज़राइल लगातार उनके बारे में जानकारी हासिल करने और उनके अवशेष खोजने की कोशिश करता रहा है। यह ताज़ा अभियान भी उसी प्रयास का हिस्सा बताया जा रहा है।

