मोरक्को: फिलिस्तीन के समर्थन में संसद भवन के सामने प्रदर्शन
मोरक्को में बुधवार शाम को दर्जनों मोरक्कोवासियों ने राजधानी रबात में संसद भवन के सामने एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन फिलिस्तीनी जनता के साथ एकजुटता जताने और ग़ाज़ा पट्टी पर इस्राईल के नरसंहारकारी युद्ध की शुरुआत की तीसरी बरसी के अवसर पर आयोजित किया गया।
इस प्रदर्शन का आयोजन ‘फिलिस्तीन के समर्थन और सामान्यीकरण के विरोध के लिए मोरक्कोई मोर्चे’ ने किया था। इसका उद्देश्य फिलिस्तीनी मुद्दे के प्रति निरंतर समर्थन की पुष्टि करना और ‘इस्राईल’ के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया को रोकने की मांग करना था।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां उठा रखी थीं, जिन पर लिखा था, “न सामान्यीकरण, न कोई समझौता” और “मोरक्को की जनता प्रतिरोध के साथ और सामान्यीकरण के ख़िलाफ़ है।” उन्होंने फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए और ‘इस्राईल’ के साथ संबंध समाप्त करने की मांग की।
वहीं, मोर्चे के सदस्य अब्दुल हमीद अमीन ने तुर्की की समाचार एजेंसी ‘अनादोलू’ से बातचीत में कहा कि, “7 अक्टूबर 2023 की घटनाओं के बाद फ़िलिस्तीनी मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रमुखता से सामने आया है।” उन्होंने कहा कि इस वर्षगांठ को मनाने का उद्देश्य फिलिस्तीनियों के साथ निरंतर एकजुटता जताने और सामान्यीकरण का विरोध करने की प्रतिबद्धता दोहराना है।
यह प्रदर्शन रबात में संसद भवन के सामने हुए एक अन्य प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद आयोजित किया गया। उस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सामान्यीकरण समाप्त करने, अल-अक्सा मस्जिद की रक्षा करने और फ़िलिस्तीनी जनता का समर्थन करने की मांग की थी।
मोरक्को के विभिन्न शहरों में फिलिस्तीनियों के समर्थन में नियमित रूप से धरने और रैलियां आयोजित की जाती हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान वर्ष 2020 में घोषित मोरक्को और ‘इस्राईल’ के बीच संबंधों को फिर से बहाल करने वाले समझौते को रद्द करने की मांग भी उठाई जाती रही है। इसी सप्ताह रबात में ऐसे विरोध प्रदर्शन भी हुए, जिनमें प्रदर्शनकारियों ने ‘इस्राईल’ के साथ संबंध पूरी तरह समाप्त करने की मांग की।

