अमेरिका और इज़रायल की रक्षा प्रणाली को बड़ा नुकसान
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने ताज़ा बयान में कहा है कि “ऑपरेशन वादा-ए-सादिक 4” के सत्रहवें चरण में उसकी हाइपरसोनिक मिसाइलों और हमलावर ड्रोन ने महत्वपूर्ण सैन्य लक्ष्यों पर कार्रवाई की। यह अभियान “या रसूल अल्लाह” के पवित्र नाम के साथ शुरू किया गया।
बयान के अनुसार, इन मिसाइलों और ड्रोन ने अमेरिकी थाड (THAAD) रक्षा प्रणाली को पार करते हुए इज़राइली युद्ध मंत्रालय की इमारत और Ben Gurion Airport को निशाना बनाया। आईआरजीसी का कहना है कि यह हमला योजनाबद्ध और सटीक था, जिसका उद्देश्य रणनीतिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाना था।
आईआरजीसी ने यह भी दावा किया है कि इस कार्रवाई के दौरान सात से अधिक अत्याधुनिक रडार प्रणालियों को नष्ट कर दिया गया। इन रडारों को क्षेत्र में निगरानी और हवाई सुरक्षा का मुख्य आधार माना जाता है।
संगठन के अनुसार, इन रडार प्रणालियों के नष्ट होने से अमेरिका और इज़राइली शासन की निगरानी क्षमता को बड़ा झटका लगा है और उनकी रक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

