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क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी इलाकों की सीमा के क़रीब पहुंचीं लेबनानी प्रतिरोधी ताक़तें

क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी इलाकों की सीमा के क़रीब पहुंचीं लेबनानी प्रतिरोधी ताक़तें

इब्रानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिणी लेबनान और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी इलाकों की सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। लेबनान की प्रतिरोधी ताक़तों के कुछ हथियारबंद लोगों के सीमा-बाड़ के क़रीब पहुंचने की ख़बरों ने इज़रायली सुरक्षा तंत्र और सीमा पर रहने वाले बस्तीवासियों में भय और बेचैनी पैदा कर दी है।

इज़रायली क़ब्ज़ाधारी सेना के रेडियो ने दावा किया कि आज तड़के दक्षिणी लेबनान में सीमा-बाड़ से कुछ सौ मीटर की दूरी पर दो हथियारबंद व्यक्तियों को देखा गया। बताया गया कि ये लोग बरआम और दोफ़ीफ़ नामक बस्तियों के सामने मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही इज़रायली सेना अलर्ट हो गई और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई। इसके बाद एक इज़रायली ड्रोन को वहां भेजा गया, जिसने संदिग्ध स्थान को निशाना बनाया।

ज़ायोनी शासन के चैनल 12 के अनुसार, इज़रायली सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह केवल सामान्य गतिविधि नहीं थी, बल्कि संभवतः क़ब्ज़े वाले इलाकों में घुसपैठ कर कोई सैन्य या सुरक्षा कार्रवाई करने की कोशिश हो सकती थी। इसी आशंका के चलते सीमा से लगे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख़्त कर दी गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के बाद दोफ़ीफ़, बरआम और मेटात बस्तियों के निवासियों को घरों के भीतर रहने का निर्देश दिया गया। कुछ समय के लिए इन इलाकों में आवाजाही भी सीमित कर दी गई, जबकि सेना और सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी और निगरानी अभियान चलाया।

इस घटना ने इज़रायली बस्तीवासियों के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चैनल 12 के मुताबिक़, सीमा के क़रीब रहने वाले लोगों ने नाराज़गी जताते हुए कहा: “जब इज़रायली सेना दक्षिणी लेबनान के भीतर तक मौजूद है और लगातार सैन्य अभियान चला रही है, तब भी हथियारबंद लोग सीमा-बाड़ तक कैसे पहुंच गए?”

विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि दक्षिणी लेबनान की सीमा अब भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है और प्रतिरोधी ताक़तें किसी भी समय इज़रायल के लिए सुरक्षा चुनौती पैदा कर सकती हैं।

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